आर्मी अफसर बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर कई युवाओं से की थी ठगी, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को आर्मी अफसर बताकर पहले युवाओं को अपने झांसे में लेता था और फिर उन्हें सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी किया करता था। आरोपी अभी तक कई लोगों को ठग चुका है।
उत्तराखंड एसटीएफ ने बताया कि आरोपी के बारे में आर्मी इंटेलिजेंस देहरादून ने जानकारी शेयर की थी। आर्मी इंटेलिजेंस ने उत्तराखंड एसटीएफ को बताया था कि एक व्यक्ति फर्जी आर्मी अफसर बनकर युवकों को आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर ठगी कर रहा है। आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर उत्तराखंड एसटीएफ ने अपनी जांच शुरू की और आरोपी के बारे में जानकारी एकत्र की।
उत्तराखंड एसटीएफ ने सबसे पहले उन युवकों से बात की, जो आरोपी का शिकार हुए थे। युवकों से पूछताछ की गयी तो पता चला कि पटेलनगर क्षेत्र में रहने वाले प्रमोद कुमार उर्फ वासू ने उन्हें बताया था कि वह आर्मी में अफसर है और उसकी आर्मी में अच्छी जान पहचान है, जहां पर अलग-अलग ट्रेडमैन के पद निकलते ही रहते हैं। जिन पर वह नौकरी लगवा सकता है। उत्तराखंड एसटीएफ ने आरोपी को पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र के चन्दमणि रोड गिरफ्तार किया।
आरोप है कि प्रमोद कुमार ने नौकरी लगवाने के लिए प्रत्येक युवक से तीन से 3.50 लाख रुपए लिए है। आरोपी युवकों को मिलिट्री हॉस्पिटल देहरादून में आर्मी की वर्दी पहने हुए भी मिला था, जिस कारण से उनको यकीन हो गया कि वह आर्मी अफसर ही है।
एक युवक परवेज ने बताया कि उसको तो आर्मी में चालक के पद पर भर्ती करने का एक एडमिट कार्ड भी दिया और बाद में फर्जी मेरिट लिस्ट दिखाकर सलेक्शन होना बताया, जिस पर जब परवेज मिलिट्री हॉस्पिटल देहरादून पहुंचा तो पाया की वह मेरीट लिस्ट जाली थी। उस मेरीट लिस्ट मे प्रमोद कुमार ने एडिट कर उसका नाम डाला था। ठगी के शिकार परवेज ने पटेलनगर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ टीम ने मिलिट्री इंटेलिजेंस और पटेलनगर पुलिस की मदद से चन्दमणि रोड से आरोपी प्रमोद कुमार उर्फ वासू को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से एक फर्जी आर्मी पहचान कार्ड, एक जोडी आर्मी की वर्दी और अन्य आर्मी से सम्बन्धित पोशाक व मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
साथ ही बताया कि आरोपी के घर सहारनपुर में भी आर्मी की नेम प्लेट लगाई हुई थी और टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अगर किसी अन्य का नाम सामने आता तो उसकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।


More Stories
महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में यूकॉस्ट द्वारा प्रायोजित बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर तृतीय व्याख्यान का आयोजन
प्रो. डॉ. टी.सी. पाण्डेय एवं डॉ.अरुण कुमार चतुर्वेदी द्वारा संपादित पुस्तक “भारत में शिक्षक शिक्षा की उभरती प्रवृत्तियाँ” का विमोचन
होली मिलन समारोह से कांग्रेस देगी सद्भावना का संदेश-मनोज सैनी