August 9, 2026

Naval Times News

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क्रान्ति दिवस तथा काकोरी काण्ड दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीदों के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

  • करो या मरो के संकल्प के साथ आरम्भ हुआ था भारत छोड़ो आन्दोलन- जितेन्द्र रघुवंशी

हरिद्वार 9 अगस्त। क्रान्ति दिवस तथा काकोरी काण्ड दिवस पर शहीद जगदीश वत्स पार्क पुल जटवाड़ा, ज्वालापुर हरिद्वार में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीदों को श्रद्धांजलि समर्पित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया ।

सर्वप्रथम संगठन के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश आर्य ने ध्वजारोहण किया, राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान के पश्चात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर रहें, शहीद जगदीश वत्स अमर रहें, भारत माता की जय, के नारों से समूचा क्षेत्र गूंज उठा।

डॉ वेद प्रकाश आर्य, जितेन्द्र रघुवंशी, अनुराग सिंह गौतम, आदित्य गहलौत तथा आदित्य प्रकाश उपाध्याय ने भारत छोड़ो आन्दोलन की पुकार पर बलिदान होने वाले 17 वर्षीय ऋषिकुल के छात्र शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलियां समर्पित कीं। झंडा ऊँचा रहे हमारा, विजयी विश्व तिरंगा प्यारा गीत के साथ ही पदयात्रा भी की गई।

इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के भाई बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि “करो या मरो” के संकल्प के साथ आरम्भ हुआ था भारत छोड़ो आन्दोलन, ८ अगस्त १९४२ को गांधी जी ने देशवासियों का आह्वान किया- “अंग्रेजो भारत छोड़ो” इस आह्वान से क्रान्तिकारी आंदोलन में कूद पड़े थे, और अनगिनत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीदों के पुरुषार्थ और बलिदान से हमारा देश आजाद हो गया, पर 79 वर्ष बाद भी उन आजादी के दीवानों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।

आज उनके सम्मान, अपने अस्तित्व तथा भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए यदि हम भी अपने पूर्वजों की भांति संकल्पित हो सकेंगे तो ही हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि समर्पित कर पाएंगे।

रघुवंशी ने आगे कहा कि आज हम नमन करते हैं पं रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान तथा रोशन लाल को भी जिनने ९ अगस्त १९२५ में काकोरी में आजादी के दीप को प्रज्ज्वलित करने के लिए काकोरी काण्ड के नाम से विख्यात आन्दोलन में अपनी आहुतियां दी थीं। रघुवंशी ने स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों से अनुरोध किया कि जिस तिरंगे झण्डे की आन, बान और शान के लिए हमारे पूर्वजों ने असह्य कष्ट झेले, उसे हर घर तक पहुंचाने के लिए प्रशासन का सहयोग करें। आज के कार्यक्रम में श्री शीश राम, स्वर्णिमा गौतम, पद्मा देवी आर्य,

श्रेयश गौतम, प्रमेश चौधरी, अजय, सरोज तथा चमन लाल का सराहनीय योगदान रहा।

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