मुकुल कश्यप ने “पंचतत्व” उपन्यास की रचना कर किया धनौरी पी.जी. कॉलेज का नाम रोशन
हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज में अध्ययनरत परास्नातक गणित, चतुर्थ सत्र के छात्र श्री मुकुल कश्यप ने अपने लेखन कला का परिचय देते हुए विज्ञान और आध्यात्म आधारित पंचतत्व (अमर शरीर का निर्माण) नामक उपन्यास की रचना की है।
छात्र द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन कॉलेज के सचिव श्री आदेश कुमार और कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. अलका सैनी के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सचिव जी ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि धनौरी पी.जी. कॉलेज रुपी इस शिक्षा के मंदिर का मूल उद्देश्य ही छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है।
उन्होंने कहा कि हम छात्र-छात्राओं के लिए उचित पठन-पाठन, खेलकूद, सर्जनात्मक कौशल को बढ़ावा देने और सहयोग करने के लिए पूर्णरुपेण से संकल्पित है। इस अवसर पर उन्होंने छात्र मुकुल को बधाई देते हुए अपनी शुभकामनाएं प्रदान की।
कार्यवाहक प्राचार्या ने अपने सम्बोधन में छात्र को बधाई देते कहा कि यह सम्पूर्ण महाविद्यालय परिवार के लिए हर्ष का विषय है कि कॉलेज के छात्र द्वारा अपने लेखन कौशल का परिचय देते हुए यह उपन्यास अपने संस्कृति और सभ्यता को बचाने का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अनेकों ऐसी प्रतिभाओं को अपनी कला को निखारने के लिए कॉलेज द्वारा सर्जनात्मक मंच प्रदान किया जायेगा।
छात्र मुकुल कश्यप द्वारा लिखी गई रचना भारतीय संस्कृति, संस्कारों को ध्यान में रखकर लिखी गई एक बेहतरीन साइंस फिक्शन है। लेखक का मानना है कि भारत में ऐसी उपन्यासों की बहुत कमी है जो अपनी संस्कृति और संस्कार का त्याग किए बिना विज्ञान के नए विचारों के साथ लिखी गई हो।
पंचतत्व (अमर शरीर का निर्माण) पुस्तक पौराणिक कथाओं और विज्ञान की कल्पनाओं से भरी उपन्यास पाठकों को अलग ही रोमांच और वैज्ञानिक कहानियों के नए विचार प्रदान करती है।
इस अवसर पर कॉलेज के समस्त सहायक आचार्यों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उपनल कर्मचारियों ने बधाई दी।


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