डॉ० भरत गिरी गोसाई कविता “हार नही होती”

“ये ना सोचो कि मंजिल आसान है,

हर कदम पर देना एक इम्तिहान है।

उम्मीद का दामन थामे रखना सदा,

बहुत दूर खड़ा आसमान है।

कठिन चुनौतियां है जीवन पथ मे,

चलना, चलना है तुम्हे लंबी डगर मे ।

काम करो कुछ ऐसा, कि इतिहास बन जाए,

बोलो तो कुछ ऐसा बोलो जो,

लाखो बेजुबानो की जुबान बन जाए ।

याद रखो दोस्तो ऐसे ही हार नही होती,

निश्चय कर बढ़ने से मिलती सफलता है,

सकारात्मकता मे कभी  हार नही होती ।

याद रखो दोस्तो ऐसे ही हार नही होती,

सकारात्मकता मे कभी  हार नही होती ।

डॉ० भारत गिरी गोसाई

शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा (धारमंडल) टिहरी गढ़वाल मे वनस्पति विज्ञान के लेक्चरर है