धनौरी, हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी, हरिद्वार द्वारा आउटरीच एजुकेशन प्रोग्राम के अंतर्गत आशु पब्लिक इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों के शैक्षिक एवं बौद्धिक विकास तथा वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का निर्देशन डॉ. प्रीति राठौर के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, वैदिक गणित, वनस्पति विज्ञान के उभरते आयामों तथा गंगा नदी में प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में डॉ. प्रीति राठौर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को रटने की प्रवृत्ति से आगे बढ़कर समझ-आधारित, कौशलपरक एवं व्यावहारिक शिक्षा की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक क्षमता तथा आत्मनिर्भरता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डॉ. अंकुर नेहरा ने विद्यार्थियों को वैदिक गणित की विभिन्न विधियों एवं तकनीकों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि वैदिक गणित के माध्यम से गणितीय गणनाओं को सरल, तीव्र एवं प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, एकाग्रता तथा गणित के प्रति रुचि में वृद्धि होती है।
डॉ. श्वेता त्यागी ने वनस्पति विज्ञान के उभरते आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को वनस्पति विज्ञान के आधुनिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध शैक्षिक तथा व्यावसायिक अवसरों से अवगत कराया। साथ ही, उन्होंने बदलते तकनीकी परिदृश्य में रोजगार की संभावनाओं, आवश्यक कौशलों तथा उच्च शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने करियर के प्रति जागरूक एवं लक्ष्य-oriented बनने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. राहुल ने गंगा नदी में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण तथा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके प्रतिकूल प्रभावों के विषय में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्ट जलीय जीवों के जीवन, जल की गुणवत्ता तथा नदी के पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्लास्टिक का सीमित उपयोग करने, कचरे का उचित निस्तारण करने तथा नदियों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नवीन शैक्षिक नीतियों, गणितीय कौशल, विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में करियर की संभावनाओं तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का सार्थक प्रयास किया गया। इस प्रकार का आउटरीच कार्यक्रम विद्यालयी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा भविष्य के लिए उचित शैक्षिक एवं व्यावसायिक विकल्प चुनने में सहायक सिद्ध होता है।
धनौरी पी.जी. कॉलेज की यह पहल विद्यालयी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक जानकारी पहुँचाने और समाज में शिक्षा, विज्ञान तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



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