January 25, 2026

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मानव एकता दिवस पर देवेंद्र कुमार सक्सेना का लेख

Devender saxena

मानव एकता दिवस 24 अप्रैल पर देवेंद्र कुमार सक्सेना का विशेष लेख देवेंद्र कुमार सक्सेना आप राजकीय कला कन्या महाविद्यालय कोटा में संगीत विभाग में तबला वादक हैं.

बसाएं एक नया संसार कि जिसमें झलक रहा हो प्यार..

24 अप्रैल पर्व निरंकारी गुरु बाबा गुरु वचन सिंह के सर्वोच्च बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने बंटवारे के समय पीड़ित लोगों की बहुत मदद की।
उन्होंने 13 अप्रैल 1978 को अमृतसर में मानव एकता सम्मेलन का आयोजन किया था।
विभाजन के कारण उत्पन्न होने वाली हिंसा से बाबा को कड़ा संघर्ष करना पड़ा।
24 अप्रैल 1980 में सत्य प्रेम और शांति के अग्रदूत बाबा गुरु बचन सिंह की कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी थी।
उनके बलिदान दिवस को भारत और विश्व में फैले निरंकारियो में मानव एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

खून नालियों की अपेक्षा नाडिय़ों में बहें….

24 अप्रैल के दिन देश विदेश में उनके अनुयायी और भक्त प्रशंसक रक्त नालियों में नहीं नाडिय़ों में बहाने के लिए अनगिनत रक्त दान शिविरों का आयोजन करते हैं।
आजकल की परिस्थितियों में उनके विचारों की देश और दुनिया को बहुत जरूरत है।
कहीं धर्म और सम्प्रदायों के नाम पर कहीं युद्ध और हथियारों की दौड़ के नाम पर मानव मानव का खून बहा रहा है।
जो बहुत ही दुखद और दुर्भाग्य पूर्ण है।

वसुधैव कुटुम्बकम..मानव एकता का मूल मंत्र

हजारों वर्ष प्राचीन भारतीय संस्कृति सारे विश्व को एक कुटुम्ब एक परिवार मानती है किंतु कुछ स्वार्थी आसुरी तत्व आस्तिन सांप मिलकर देश एवं विश्व की एकता और अखंडता को छिन्न भिन्न करना चाहते हैं।
समय रहते हम सभी करोड़ों भारतीयों को अपनी एकता और अखंडता को बचाने के लिए जाति, धर्म, सम्प्रदाय भेदभाव भूलकर एक जुट हो जाना चाहिए। राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए.. धर्म से पहले राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है। जब राष्ट्र बचेगा तो धर्म कला संस्कृति शिक्षा धन सम्पत्ति बचेगी।

प्रज्ञा गीतों से द्वारा प्रेरणा दायक प्रयास….
मानव एकता में गायत्री परिवार का भी बड़ा योगदान है।
अंतरराष्ट्रीय गायत्री परिवार के प्रेरणा गीतों का द्वारा भारतीय समुदाय में देव संस्कृति एवं मानव एकता के प्रति गहरी आस्था बढी है।

1-बसाएं एक नया संसार कि जिसमें झलक रहा हो प्यार।

2-जाति पांति के बंधन टूटे राष्ट्र- राष्ट्र सब एक।
धर्मों में हो सत्य समन्वय, रहे न झूठी टेर।
मिटे अन्ध विश्वास जगत से हो विज्ञान विचार।।”

3-मानव मात्र एक समान। परम पिता की सब संतान

4- जिनके हो पद चिन्ह अमिट, वह इतिहास सृजेता।
जिसने जीते हृदय वही, होता है विश्व विजेता।।
का संदेश

देवेंद्र कुमार सक्सेना ने कहा कि सभी से विनम्र अपील है कि देश और मानव जाति पर आ रहे संकट को दूर करने के लिए भगीरथी प्रयास करने चाहिए।

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