विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता रायपुर देहरादून में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 के महत्व, प्रावधानों और सामाजिक प्रभाव के बारे में आम जनमानस एवं अभिभावकों के बीच जागरूकता बढ़ाए जाने के उद्देश्य से एक जनसंवाद कार्यक्रम महाविद्यालय की यूसीसी प्रभारी डॉ.सरिता तिवारी द्वारा आयोजित किया गया।
जिसमें स्थानीय मालदेवता निवासियों को यूसीसी के उद्देश्य और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी प्रदान की गई ,साथ ही उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। उन्होंने बताया कि ये अधिनियम महिलाओं को सम्पत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में समान अधिकार देता है ।
संहिता में विवाह और तलाक के पंजीकरण को अनिवार्य बनाया गया है जिसका अनुपालन ना करने पर सरकारी लाभों से व्यक्ति को वंचित होना पड़ेगा। यदि जोड़े लिव इन रिलेशनशिप में रहते है तो उनके लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ये अधिनियम बहुविवाह पर भी रोक लगाता है।
उन्होंने इसके सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि समानता की दिशा में ये संहिता मील का पत्थर है ।धर्म और आस्था के नाम पर अलग- अलग संहिताएं समाज में भ्रम और विषमता को पैदा करती है।कानून में एकरूपता आवश्यक है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) विनोद प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि संहिता के संभावित लाभों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता अभियान बेहद अहम है ताकि लोग पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए अधिक से अधिक प्रेरित हों सकें और कानून के कार्यान्वयन में आसानी हो। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए डॉ.सरिता तिवारी की सराहना की।
उक्त कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका सुश्री पूजा रानी,वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो.पूजा कुकरेती, रोहित तथा स्थानीय लोगों में पूरनलाल,रंजनी,प्रभा , आरव,शिवानी,देवा देवी आदि उपस्थिति रहे।


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