” हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की गारंटी है ” – अरविन्द सिसोदिया
कोटा, 23 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि “हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की गारंटी है।”
उन्होंने कहा कि ” जब से हिन्दुओं में एकता दृढ़ हो रही है, तभी से हिंदू विरोधी तुष्टिकरणवादी ताकतें, निरंतर कोई न कोई षड्यंत्र रचते रहते हैँ, इसलिए राष्ट्रहित में हिन्दुओं को निरंतर एक जुट रहना होगा।
सिसोदिया नें कहा कि ” हाल ही में माघ मेला में अस्वीकृत एवं विवादस्पद कथित शंकराचार्य तथा उनकी आड़ लेकर तुष्टिकरणवादी राजनीतिक दलों द्वारा जिस प्रकार बग्गी पालकी हठधर्मिता की अव्यवस्था उत्पन्न की गईं, वह सोची समझी चाल है। उसकी ओट से उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कटघरे में खड़ा करने का कुप्रयास किया गया, वह एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसका उद्देश्य आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगीजी के विरुद्ध वातावरण बनाना है।
अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि ” विघटनकारी शक्तियों द्वारा सनातन हिंदुत्व के विरुद्ध ‘फूट डालो, राज करो’ की नीति के अंतर्गत कुप्रचार फैलाया जा रहा है। माघ मेला में अव्यवस्था फैलाने की घटना पूरी तरह से तुष्टिकरणवादी षड्यंत्र और जानबूझकर रची गई साजिश है, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म को मानने वाले समाज के बीच भ्रम, अविश्वास और आपसी मतभेद उत्पन्न करना और योगी सरकार को हिंदू विरोधी ठहराने का झूठा नेरेटिव गढ़ना है , जो पूरी तरह फैल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि ” सनातन धर्म अपनी सहिष्णुता, समरसता और सर्वजन हिताय – सर्वजन सुखाय की भावना के लिए जाना जाता है, किंतु इसी व्यापक और सर्वसमावेशी स्वरूप से विचलित होकर कुछ तुष्टिकरणवादी शक्तियाँ समाज को जाति, वर्ग, संप्रदाय और क्षेत्र के नाम पर बाँटने का निरंतर प्रयास कर रही हैं। ऐसे प्रयासों का मूल उद्देश्य सनातन धर्मावलंबियों को कमजोर कर सनातन विरोधी ताकतों के लिए सत्ता का मार्ग प्रशस्त करना है। इन तथाकथित मोहरों को नज़र अंदाज़ करते हुए हिंदू समाज को अपनी एकता पर दृढ़ रहना होगा।
सिसोदिया ने कहा कि ” भारतीय संस्कृति, सनातन हिंदू धर्म और हिंदुत्व की श्रेष्ठता तथा समन्वयवादी गहराई का किसी से कोई विरोध नहीं है। फिर भी विश्व की कई विस्तारवादी विदेशी शक्तियाँ लगातार हिंदुत्व को समाप्त करने के लिए अभियान चलाती रहतीं हैँ, धर्मान्तरण करवाती हैँ, षड्यंत्र रचती हैँ और फंडिंग करती आ रही हैं। इसलिए यह स्मरण रखना आवश्यक है कि हमारी एकता ही हमारा अस्तित्व है।
सिसोदिया नें कहा कि ” शिक्षा, संस्कृति और धर्म जैसे संवेदनशील विषयों को वोट बैंक खुश करने के राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। ” उन्होंने कहा कि ” वोट बैंक के लिए राजनैतिक स्वार्थवादी षड्यंन्त्रों से सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुँचती है और गलत धारणाएँ जन्म लेती हैं। सनातन परंपरा ने सदैव संवाद, तर्क और सत्य के मार्ग से समाज को दिशा दी है। सनातन में भ्रम और विद्वेष का कोई स्थान नहीं है।
अरविन्द सिसोदिया ने सभी सनातन धर्मावलंबियों से आह्वान किया कि “वे ऐसे भ्रामक प्रचार प्रसार और बयानबाजों से सतर्क रहें – सावधान रहें, सही तथ्यों को समझें और आपसी एकता हमेशा बनाए रखें। एकजुट और जागरूक समाज ही तमाम षड्यंत्रों को विफल कर सकता है तथा देश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करता है।
सिसोदिया नें कहा कि ” जब से हिंदू एक होना प्रारंभ हुआ है तभी उसे विभाजित करने के कुप्रयास किये जा रहे हैँ, हमें अपनी एकता को निरंतर मजबूती देते रहना है।


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