एनटीन्यूज़,पिथौरागढ़:  हत्या के मामले का एक आरोपित 22 वर्ष बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा आरोपित सर्विलांस की मदद से पुलिस की गिरफ्त में आया।

बरेली जिले के ग्राम बड़िया निजावत खां निवासी छोटे लाल पुत्र सुंदर लाल थल क्षेत्र में फेरी लगाने का कारोबार करता था। थल पुल चैराहे के पास रेडीमेट की दुकान चलाने वाले दिल्ली निवासी प्रकाश लाल ग्रोवर के साथ उठना बैठना था। वर्ष 1997 में छोटे लाल ने प्रकाश के सिर पर तवा मारकर उसकी हत्या कर दी। मृतक के स्वजन दलीप लाल ने छोटे लाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

न्यायालय के आदेश पर उसे हिरासत में भेज दिया गया। वर्ष 1999 में वह लॉकअप से फरार हो गया। पिथौरागढ़ जिले की पुलिस पिछले 21 वर्षो से छोटे लाल की तलाश कर रही थी। उस पर पांच हजार का ईनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह ने थल थाने के उपनिरीक्षक जावेद हसन को फरार आरोपित का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

एसआइ हसन ने खोजबीन कर उसके चंडीगढ़ में होने का पता लगा लिया। थल पुलिस जब तक चंडीगढ़ पहुंचती तब तक छोटे लाल को किसी माध्यम से पुलिस के चंडीगढ़ आने की सूचना मिल गई। छोटे लाल चंडीगढ़ से फरार हो गया। इस दौरान पुलिस को उसका फोन नंबर मिल गया था, जिसे सर्विलांस में रखा गया था। सर्विलांस से छोटे लाल की लोकेशन काशीपुर में मिली। एसआइ हसन और कांस्टेबल बृजेश नयाल ने काशीपुर पहुंचकर छोटे लाल को दबोच लिया। छोटे लाल को पुलिस पिथौरागढ़ ले आई है। वर्ष 1999 से फरार छोटे लाल अब 48 वर्ष का हो चुका है।