October 14, 2026

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हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज में विज्ञान आधारित प्रयोगात्मक कार्यशाला का आयोजन

हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी, हरिद्वार में 16 सितंबर 2026 को भारतीय भौतिकी शिक्षक संघ (IAPT), एशियन फिजिक्स ओलंपियाड सेल तथा भौतिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान आधारित एक दिवसीय प्रयोगात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को भौतिकी की विभिन्न अवधारणाओं एवं सिद्धांतों को प्रयोगों एवं प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से व्यावहारिक रूप से समझाना तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, तार्किक क्षमता, अवलोकन एवं प्रयोगात्मक कौशल विकसित करना था।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सचिव श्री आदेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए विज्ञान की प्रयोगात्मक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार ने हैंड करंट प्रयोग के माध्यम से विद्युत धारा से संबंधित अवधारणाओं को समझाया तथा Centre of Gravity (गुरुत्व केंद्र) की अवधारणा को सरल प्रयोग के माध्यम से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी वैज्ञानिक सिद्धांतों को अधिक सहज एवं प्रभावी ढंग से समझ सकते हैं।

डॉ. संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा के महत्व से अवगत कराया तथा लेंस एवं प्रकाशिकी और विद्युत परिपथ से संबंधित प्रयोगों के माध्यम से संबंधित वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रयोगों का अवलोकन करते हुए उनके पीछे कार्य कर रहे सिद्धांतों को समझने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. सुशील ने भौतिकी के दैनिक जीवन में उपयोग एवं अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न दैनिक जीवन की घटनाओं के उदाहरण देते हुए समझाया कि भौतिकी के सिद्धांत हमारे आसपास होने वाली अनेक गतिविधियों में किस प्रकार दिखाई देते हैं तथा उनका व्यावहारिक जीवन में क्या महत्व है।

डॉ. निधि शर्मा ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा प्रयोगों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रयोगात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति, अवलोकन क्षमता एवं वैज्ञानिक सोच का विकास होता है।

श्रीमती मोनिका मित्तल ने विज्ञान को पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उसे दैनिक जीवन एवं व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़कर समझने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रयोगों में सक्रिय सहभागिता करने तथा अपनी जिज्ञासाओं को प्रश्नों के माध्यम से व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. वरुण ने चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux) की अवधारणा को प्रयोगात्मक तरीके से समझाया। उन्होंने चुम्बकीय क्षेत्र तथा किसी सतह से होकर गुजरने वाले चुम्बकीय फ्लक्स की अवधारणा को सरल उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया, जिससे विद्यार्थियों को चुम्बकत्व से संबंधित विषय को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

डॉ. कुमुद चौधरी ने विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक गतिविधियों के महत्व से अवगत कराया तथा विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से भौतिकी की अवधारणाओं को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान की वास्तविक समझ अवलोकन, प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से विकसित होती है।

इसके पश्चात प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन एवं प्रयोगात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिसमें डॉ. संदीप कुमार, डॉ. सुशील, डॉ. निधि शर्मा, श्रीमती मोनिका मित्तल, डॉ. वरुण एवं डॉ. कुमुद चौधरी ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रयोगों का प्रदर्शन कराया। सत्र के दौरान लेंस एवं प्रकाशिकी, सोलनॉइड एवं चुम्बकत्व, विद्युत परिपथ, पवन ऊर्जा, सरल लोलक, न्यूटन क्रेडल, न्यूटन कलर डिस्क, राइट हैंड थम्ब रूल, चुम्बकीय फ्लक्स तथा अन्य वैज्ञानिक अवधारणाओं से संबंधित प्रयोग एवं प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए।

प्रयोगात्मक सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने प्रयोगों का अवलोकन करने के साथ-साथ उनमें सक्रिय सहभागिता की तथा प्रयोगों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में लैब असिस्टेंट श्री गौरव सैनी एवं श्री दीपक का महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग रहा। साथ ही यूपीएनएल कर्मचारियों श्री शेखर, श्री मुनव्वर एवं श्री दिव्यांशु का तकनीकी एवं व्यवस्थागत सहयोग प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. कुमुद चौधरी द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालन किया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, शिक्षकों, सहयोगी सदस्यों, यूपीएनएल कर्मचारियों, लैब असिस्टेंट्स एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, रोचक एवं प्रयोगात्मक अनुभव प्रदान करने वाली रही।

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