कोटा, 29 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं भाजपा मीडिया विभाग, कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने राजस्थान के संवेदनशील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा राजस्थान में अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि ” मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राजस्थान में सामाजिक संतुलन, स्थायी सौहार्द एवं नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो उनकी दूरदर्शिता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
सिसोदिया ने कहा कि “वर्तमान समय में यह अप्रत्यक्ष रूप से देखने में आ रहा है कि कुछ क्षेत्रों में भय, दबाव अथवा मजबूरी के कारण लोगों को अपनी संपत्ति कम कीमत पर बेचने और क्षेत्र छोड़ने के लिए विवश किया जाता है। अशांत क्षेत्र अधिनियम ऐसे ही मामलों में “डिस्ट्रेस सेल” एवं जबरन पलायन पर प्रभावी रोक लगाने का कार्य करेगा।
सिसोदिया ने कहा कि ” यह कानून उन सामान्य नागरिकों के हितों की रक्षा करेगा जो वर्षों से अपने घरों और व्यवसायों से जुड़े हुए हैं, लेकिन असामाजिक तत्वों अथवा संगठित दबाव के कारण स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं।” उन्होंने कहा कि ” इस अधिनियम से भजनलाल शर्मा सरकार नें यह स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार के भय, दबाव या अवैध गतिविधियों के सामने झुकने वाली नहीं है और आमजन के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि ” जिला कलेक्टर की पूर्व अनुमति की व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि संपत्ति का हस्तांतरण पूर्णतः स्वेच्छा से, उचित बाजार मूल्य पर हो तथा उससे क्षेत्र के जनसांख्यिकीय एवं सामाजिक संतुलन पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। ” उन्होंने कहा कि ” राजस्थान सरकार द्वारा लाया गया यह अधिनियम सुनिश्चित करता है कि किसी एक वर्ग विशेष द्वारा पूरे मोहल्ले या क्षेत्र को अपने कब्जे में लेने तथा अन्य समुदायों को बाहर करने की प्रवृत्ति पर लगाम लगे और इस तरह का कृत्य पूरी तरह रोका जाये। वहीं यह अधीनयम प्रशासन को प्रभावी कानून अंकुश लगाने में में सक्षम बनाता है।
सिसोदिया ने कहा कि ” अशांत क्षेत्र अधिनियम से प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से कब्जाये जाने वाले भूमि और संपत्ति संबंधी कुप्रयासों पर प्रभावी रोक लगेगी। इससे न केवल शहरी क्षेत्रों में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आपसी विश्वास और भाईचारे की भावना भी मजबूत होगी, जो किसी भी सशक्त समाज की आधारशिला होती है।
सिसोदिया ने कहा कि ” यह अधिनियम सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने एवं प्रदेश में शांति तथा कानून व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। साथ ही यह खुराफाती तत्वों एवं अराजक प्रवृत्तियों के नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए भाजपा के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं राजस्थान सरकार बधाई की पात्र है।


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