उत्तराखंड: बीमार बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची मां उसे अस्पताल में लावारिस छोड़ गई। चिकित्सकों ने उसे दवा लेने भेजा था और फिर वह लौट कर नहीं आई।
बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो परिजनों का पता चला। जिसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
स्वार बाजपुर ऊधमसिंह नगर निवासी दीपक कश्यप (33 वर्ष) पुत्र स्व. हरिओम कश्यम खानाबदोशों की जिंदगी जीता था और परिवार के साथ हल्द्वानी में रहता था। दीपक का पूरा परिवार नशे का आदी है। नशे के आदी दीपक को काला पीलिया था। नशा न छोड़ने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई।
बीती 9 मई को दीपक की मां उसे गंभीर अवस्था में सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल लेकर पहुंची। चिकित्सकों ने दीपक की मां से कुछ दवाएं मंगवाई। वह दवा लेने गई तो फिर लौट कर नहीं आई और उसी दिन दीपक की मौत हो गई। महिला नहीं लौटी तो चिकित्सकों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले और महिला व परिजनों को ढूंढ निकाला। जिन्होंने दीपक की पहचान की।
पुलिस दीपक के परिजनों को तलाशते हुए उसके घर पहुंची तो माहौल देख हैरत में पड़ गई। दीपक की मौत की खबर लेकर पहुंची पुलिस को उसकी मां नशे में धुत मिली। बताया जाता है कि दीपक और उसकी मां ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार नशे का लती है।


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