हरिद्वार,10 जनवरी 26: कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में में स्वामी विवेकानंद जी की 164वी जयंती के अवसर पर मिशन के स्वामियों और चिकित्सकों ने रोगियों के माथे पर लगाया तिलक, माला पहनकर उनका किया अभिनंदन, फल वितरित किए।
युग पुरुष और आध्यात्मिक की महान विभूति युवाओं के आदर्श स्वामी विवेकानंद जी की 164वी जयंती कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में बड़े ही अनोखे अंदाज से मनाई गई। सेवा आश्रम के परिसर में आज नजारा ही कुछ अलग दिखाई दिया।
मिशन के सभी साधु संत और चिकित्सक तथा समाजसेवी मिशन के परिसर में एकत्र हुए और उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उसके बाद रामकृष्ण मिशन चिकित्सालय में भर्ती सभी मरीजों के वार्ड में मिशन के स्वामी संत और चिकित्सक पहुंचे और एक-एक मरीज के माथे पर तिलक लगाया, उनकी आरती उतारी और फूलों की माला पहनाई और फल बिस्किट वितरित किए और उनके जल्दी स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना की, ऐसा अद्भुत नजारा देखकर अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिवारजन बहुत भावुक हो गए। अपने बीच आश्रम के सचिव स्वामी दयामूर्त्यानन्द महाराज और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ स्मरजीत चौधरी, डॉ सुशील शर्मा, डॉ बक्शी, डॉ अनीता सान्याल, डॉ मधु शाह डॉ दीपक नर्सिंग विभाग की निर्देशिका मिनी योहानन आदि को अपने बीच देख कर अस्पताल में भर्ती मरीज गदगद हो गए और उनकी आंखें भर आई।
इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव स्वामी दयामूर्त्यानन्द महाराज ने कहा कि स्वामी विवेकानंद महामानव थे और उन्होंने नर सेवा नारायण सेवा का जो मूल मंत्र दिया था, उस पर मिशन हमेशा खरा उतरने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम कनखल ने अब मध्य वर्ग और गरीबों की सेवा के लिए पिछले साल उत्तराखंड स्थापना दिवस के रजत जयंती महोत्सव 9 नवंबर के अवसर पर आयुष्मान कार्ड सेवा शुरू की है जिससे मध्यम वर्ग और गरीबों को बहुत फायदा मिल रहा है।
रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव ने बताया कि आयुष्मान सेवा ने अपने संचालन के मात्र दो महीनों के भीतर 105 मरीजों को स्वास्थ्य लाभ पहुँचाकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा काफी विस्तृत रहा है, जिसमें 46 मरीजों का दवाओं के माध्यम से सफल उपचार किया गया, जबकि 59 मरीजों के जटिल ऑपरेशन संपन्न हुए।
उन्होंने बताया कि इन ऑपरेशनों में मुख्य रूप से पित्त की थैली निकालना (गॉल ब्लैडर रिमूवल), टूटी हुई हड्डियों का ऑपरेशन और घुटने का प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) जैसी सुविधाएँ शामिल थीं। इन विशिष्ट सेवाओं के साथ-साथ, आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों को नियमित रूप से डायलिसिस की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक बड़ा सहारा सिद्ध हो रही है।
रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव स्वामी दयामूर्त्यानन्द महाराज, स्वामी मंजू महाराज जगदीश महाराज, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ स्मरजीत चौधरी, डॉ सुशील शर्मा, डॉ बक्शी, डॉ अनीता सान्याल, डॉ मधु शाह,डॉक्टर अश्वनी अनेजा,नर्सिंग विभाग की निदेशिका मिनी योहानन, फार्मासिस्ट गोकुल, अमरजीत ने आदि उपस्थित रहे।


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