कोटा: राष्ट्र की आर्थिक प्रगति के मानचित्र और भविष्य की विकास दिशा को समझने के उद्देश्य से आज दिनांक 02.02.2026 को राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा में योजना मंच और अर्थशास्त्र विभाग द्वारा केन्द्रीय बजट 2026-27 विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती मीरा गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ जिसमें उन्होंने बजट 2026 को केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, अपितु ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को सिद्ध करने वाला ऐतिहासिक आधार बताया, जिसमें समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
विषय विशेषज्ञ प्रो. एम. एल. गुप्ता, वित्तिय विशेषज्ञ ने बजट 2026-27 को आम आदमी और मध्यम वर्ग को मिलने वाली राहत, नवीन आयकर सुधारों एवं शिक्षा संबंधी पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया नये इनकम टैक्स एक्ट 2026 और GST 2 के घटने से निश्चित ही घरेलु बचत बढ़ेगी। साथ ही, शिक्षा के लिए विदेश में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए TCS का 5% से घटकर 2% होना वर्तमान बजट का एक सकारात्मक पक्ष है जो दीर्घ काल में भारतीय युवा के भविष्य के लिए स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि हर जिले ने गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेनिंग के लिए बजट में किया गया प्रावधान निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र नए कीर्तिमान स्थापित करेगा, परंतु आवश्यकता बजट 2026-27 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की रफतार तेज करने की है।
विषय विशेषज्ञ श्री प्रो. गोपाल सिंह, सेवानिवृत्त ने बजट के तकनीकी और बुनियादी ढाँचे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित 12.2 लाख करोड़ रु. का निवेश देश के विकास की रफ्तार को दोगुना कर देगा। इससे बड़े शहर ही नहीं अपितु विकसित होते कोटा जैसे शहरों के लिए भी विकास का अवसर मिलेगा। इससे परिवहन व्यवस्था भी सुधरेगी और व्यापार की लागत भी घटेगी। बजट 2026-27 में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश दिया है कि भारत एक मजबूत राष्ट्र है जो संकट के समय आत्मनिर्भर होकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सहायक निदेशक, कॉलेज शिक्षा, परीक्षेत्र कोटा संभाग डॉ. विजय कुमार पंचोली ने अपने उद्बोधन में बताया कि बजट 2026-27 निश्चित ही भविष्योन्मुखी है जो युवा उद्यमिता व डिजिटल विकास पर आधारित है उनके अनुसार बजट 2026-27 ना केवल आर्थिक स्थिरता लाने वाला है अपितु युवाओं के लिए अवसरों के नये द्वार भी खोलेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिक्षा के क्षेत्र में नेशनल रिसर्च फाउंडेशन को दी गई मजबूती से महाविद्यालय स्तर पर शोध कार्यों को नई गति मिलेगी। वर्तमान बजट का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं में शिक्षा एवं स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
प्राचार्य डॉ. सीमा चौहान ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बजट 2026-27 को समावेशी विकास का रोडमैप बताय। उन्होंने बताया कि बजट में महिला सशक्तिकरण और छात्राओं की शिक्षा के लिए जो विशेष प्रावधान किए गये है वे निश्चित ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। साथ ही उन्होंने बजट में कैम्पस सुरक्षा और स्मार्ट क्लासरूम के लिए मिलने वाले सहयोग को एक बड़ी उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. सुनीता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती प्रेरणा शर्मा, डॉ. राजेन्द्र माहेश्वरी, डॉ. त्रिभुनाथ दुबे, डॉ. पुनीता श्रीवास्तव, डॉ. सुबोध कुमार, डॉ. राजमल मालव, डॉ. मनीषा शर्मा, डॉ. बबिता सिंघल, डॉ. हिमानी सिंह, डॉ. ज्योति सिडाना, डॉ. कविता मीणा, श्री संतोष कुमार मीणा, डॉ. पारूल सिंह, डॉ. उमा बड़ोलिया, डॉ. सोमवती शर्मा, श्रीमती मिथलेश सोलंकी आदि संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. कविता मकवाना ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।


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