मशहूर गजल गायक पंकज उधास अब हमारे बीच नहीं रहे। 72 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है।
इस खबर की पुष्टि उनकी बेटी नायाब उधास ने की है। नायाब ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लेजेंडरी सिंगर पंकज उधास की मौत की खबर दी है।
नायाब द्वारा शेयर किए गए पोस्ट में लिखा है, ‘बेहद दुख के साथ हमें ये आपको बताना पड़ रहा है कि पद्मश्री पकंज उधास का 26 फरवरी 2024 को निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार थे।’
पंकज उधास के निधन से उनके चाहने वालों को गहरा सदमा लगा है। चिट्ठी आई है गाने से उन्होंने दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
साल 1962 में इंडो चाइना युद्ध के दौरान पंकज उधास ने अपना पहला स्टेज परफॉर्मेंस दिया था। उन्होंने गाया था ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’। पंकज के इस गाने को उस वक्त इतना पसंद किया गया कि लोगों ने उन्हें 51 रुपये भेंट किया था।
पंकज उधास की आवाज में एक ठहराव और मिठास था, जो हर एक लाइन में जान भर देता था। यही वजह है कि उनके ज्यादातर गाने सदाबहार हैं। उन्होंने रोमांटिक से लेकर दर्द भरे और सुरूर समेत हर तरह का गाना गाया है।
पंकज उधास के लोकप्रिय गीत… चिट्ठी आई है चांदी जैसा रंग है तेरा थोड़ी थोड़ी पिया करो आहिस्ता आहिस्ता ना कजरे की धार जिए तो जिए कैसे बिन आपके सबको मालूम है मैं शराबी नहीं एक तरफ उसका घर घुंघरू टूट गए।
पंकज उधास ने अपने बेहतरीन गानों के दम पर कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए हैं। चलिए एक नजर गायक के अवॉर्ड्स पर डालते हैं… पद्म श्री (2006) गालिब अवॉर्ड (2013) संगीत नाटक एकेडमी अवॉर्ड फिल्मफेयर अवॉर्ड (बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर)


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