राजधानी में दिल्ली विधान सभा में सुरंग मिली है। इसकी जानकारी दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने गुरुवार को दी।
उन्होंने कहा कि यह सुरंग लाल किले तक है। इसके इतिहास पर कोई स्पष्टता नहीं है, लेकिन इसका इस्तेमाल अंग्रेजों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को स्थानांतरित करते समय विरोध से बचने के लिए किया जाता रहा होगा।
राम निवास गोयल ने बताया कि सुरंग कहां से निकली है उसकी पहचान करने में कामयाब रहे हैं, लेकिन आगे नहीं खोदेंगे। क्योंकि मेट्रो और सीवर जैसी परियोजनाओं के चलते सुरंग के सभी रास्ते खत्म हो चुके होंगे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से इसकी संरचना है, उसके आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इसका इस्तेमाल अंग्रेजों द्वारा किया जा रहा होगा।
गोयल ने बताया कि जिस भवन में अभी विधानसभा की कार्यवाही होती है, उसका इस्तेमाल 1912 में केंद्रीय विधानसभा के रूप में होता था।
मिली जानकारी के अनुसार, इस सुरंग से कोई नुकसान नही हुआ है। सुरंग से कोई साजिश भी नही लगती। स्पीकर ने बताया कि अब इस सुरंग का जीर्णाेद्धार किया जाएगा। ताकि जनता भी इसे पर्यटन के रुप में विकसित किया जा सके।उम्मीद है कि अगले साल 15 अगस्त तक जीर्णाेद्धार का काम हो जाएगा।


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