January 2, 2026

Naval Times News

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पेकिंग में बिक्री वस्तुओं के स्टेण्डर्ड माप के नियम तय हों – अरविन्द सिसोदिया

  • उपभोक्ताओं से छुपी ठगी कठोरता से रोकी जाये – अरविन्द सिसोदिया 

02 जनवरी, कोटा:  उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण को लेकर राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्याशी एवं भारत तिब्बत सहयोग मंच के प्रांतीय महामंत्री अरविन्द सिसोदिया ने वर्तमान व्यापारिक एवं सेवा क्षेत्रों में अपनाई जा रही पैकिंग और बिलिंग की भ्रमपूर्ण पद्धति एवं छलपूर्ण नीतियों के विरुद्ध कड़ा विरोध दर्ज कराते हुये, तय वास्तविक मानकों की अनिवार्यता से लागू करने की मांग की है।

उन्होंने भारत के माननीय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री, वाणिज्य मंत्री, उपभोक्ता मामलों के मंत्री और संचार मंत्री सहित राजस्थान और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रीयों को पत्र प्रेषित कर मांग की है कि ” देश भर में वस्तुओं और सेवाओं के लिए एकरूप एवं स्थिर मानकों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।

सिसोदिया ने कहा कि ” आमजन सामान्यतः पेकिंग में बेंची जाने वाली वस्तुओं में वह मात्रा मानती है जो वर्षों से प्रचलित है। किन्तु कई तरह की पेकिंग्स में यह नहीं होती है, जो वह समझता या मांगता है। बल्कि उसमें कम मात्रा होती है और वह भी बहुत ही छोटे अक्षरों में कहीं लिखी होती है, जो पढ़ने या देखने में भी नहीं आती है। इस तरह से उपभोक्ता के साथ अपरोक्ष ठगी होती है। इसे कड़ाई से रोका जाना चाहिए और तयसुदा मानकों के साथ हो रही छेड़ छाड़ बंद होनी चाहिए।

सिसोदिया का कहना है कि ” 1 किलो को 1000 ग्राम तथा 1 लीटर को 1000 मिलीलीटर के वैज्ञानिक मानकों के बावजूद बाजार में 950 ग्राम, 900 ग्राम अथवा 850 ग्राम और इसी तरह 950 या 900 या 850 मिलीलीटर की पैकिंग में वस्तुएं बेची जाती हैं, इसी तरह 500 मिलिलीटर की पेकिंग में 450 मिलिलीटर ही सामग्री होती है, जिससे उपभोक्ता अनजाने में कम सामग्री के बदले अधिक मूल्य चुकाना होता है। इसी प्रकार दूरसंचार कंपनियां एक माह को 28 दिन मानकर बिलिंग करती हैं, जो सामान्यतः स्वीकृत 30 दिन की अवधि के विरुद्ध है और यह प्रवृत्ति उपभोक्ताओं से अप्रत्यक्ष रूप से अतिरिक्त राशि वसूलने की है।

उन्होंने यह भी कहा कि ” केंद्र एवं राज्य सरकार स्तर पर पैकिंग मानक निर्धारित कर 50 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम और 1 किलोग्राम जैसी श्रेणियां अनिवार्य की जाएं और बड़ी पैकिंग में भी 5, 10, 25, 50 और 100 किलोग्राम जैसे स्पष्ट विकल्प ही हों। इसी तरह मिलीलीटर और लीटर इकाई वाली पैकिंग के लिए भी पारदर्शी श्रेणियां तय की जाएं। वहीं बड़ी पेकिंग के लिए भी स्पष्ट नियम क़ानून बनाये जाएँ।

अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि ” इन सुधारों से उपभोक्ता हित सुरक्षित होगा, ईमानदार व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और अनैतिक लाभ कमाने पर रोक लगेगी। उन्होंने भारत सरकार से शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करने की अपील की है ताकि देश के लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

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