कोटा, 16 दिसंबर। भाजपा राजस्थान के मीडिया विभाग के कोटा संभाग संयोजक एवं राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्याशी अरविंद सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध प्रयोग की जा रही आपत्तिजनक एवं हिंसक भाषा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ” यह कांग्रेस की अराजकतावादी और लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को दर्शाती है,जो पूर्णतः अक्षम्य अपराध है।
सिसोदिया ने कहा कि “लोकतांत्रिक प्रक्रिया से निर्वाचित प्रधानमंत्री के विरुद्ध मृत्यु-कामना, हिंसक शब्दावली और अमर्यादित बयानबाजी न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह समाज में घृणा, उकसावे और अस्थिरता फैलाने का कुत्सित प्रयास है। इस प्रकार की भाषा का भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता द्वारा लगातार अस्वीकृत होने के कारण हताशा और निराशा में अराजकतावादी भाषा का प्रयोग कर रही है। उनकी यह रणनीति संवैधानिक व्यवस्था, लोकतंत्र, सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक शुचिता के विरुद्ध है।
भाजपा नेता ने स्पष्ट कहा कि ” संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन किसी व्यक्ति के प्रति हिंसा, हत्या या मृत्यु-कामना के लिए उकसाना गंभीर आपराधिक कृत्य है। राजनीति में असहमति लोकतंत्र की आत्मा है, किंतु विरोध की आड़ में आपराधिक मानसिकता का प्रदर्शन पूरी तरह अस्वीकार्य है।”
सिसोदिया ने कहा कि ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करोड़ों देशवासियों के आशीर्वाद से देश के प्रधानमंत्री हैं। कांग्रेस में मौजूद कुछ नेताओं द्वारा “ डंडे से मारने”, “खत्म करने”, “कब्र खोदने” या “बोटी-बोटी करने” जैसी भाषा का प्रयोग अराजकतावादी सोच का परिचायक है, जिसे राजनीतिक रूपक कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि ” प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद के प्रति इस प्रकार की भाषा पूरे देश की संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। जनता ऐसे आचरण को लगातार चुनावों में वोट की ताकत से दंडित कर रही है और आगे भी करती रहेगी।
अंत में सिसोदिया ने कहा कि ” कांग्रेस में अराजकतावादी राजनीति की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिससे राष्ट्रविरोधी मंशा स्पष्ट होती है। ऐसे में देश की सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क रहना चाहिए।


More Stories
गजा: ऋषिकेश बाइपास परियोजना से नरेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
हरिद्वार: मॉडल महाविद्यालय मीठीबेरी में आपदा प्रबन्धन हेतु दो दिवसीय कार्यशाला का समापन
हरिद्वार: ज्योति कलश यात्राओं के संग उमड़ा जनसैलाब, शांतिकुंज बना चेतना का महातीर्थ