January 31, 2026

Naval Times News

निष्पक्ष कलम की निष्पक्ष आवाज

भजनलाल शर्मा सरकार सुशासन का मॉडल बनी, राजस्व घाटे में कमी और भ्रष्टाचार पर सख़्त नियंत्रण – अरविंद सिसोदिया

कोटा, 31 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविंद सिसोदिया ने कहा है कि ” मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी प्रशासन के ज़रिये सुशासन का प्रभावी मॉडल स्थापित किया है। सरकार के प्रयासों से राज्य के राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी आई है, जिसकी सराहना भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में भी की गई है।

सिसोदिया ने बताया कि ” वर्ष 2023-24 में प्रदेश का राजस्व घाटा रूपये 38,954 करोड़ था, जिसे 2024-25 के संशोधित अनुमानों में घटाकर रूपये 31,939 करोड़ कर दिया गया है। बजट 2025-26 में सरकार ने राजस्व घाटे को जीएसडीपी के मात्र 1.6 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है, जो राज्य की बेहतर वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि “राज्य के स्वयं के कर राजस्व में भी लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार ने लीकेज रोकी हैं और व्यय को नियंत्रित किया है, जिससे विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं। यह सुधार सरकार की सुदृढ़ राजस्व नीति और प्रशासनिक दक्षता का परिणाम है।

सिसोदिया ने कहा कि “भजनलाल शर्मा सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति को ज़मीन पर उतारते हुए सख़्त कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार और लापरवाही के दोषी पाए गए अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है तथा पूर्व अधिकारियों की पेंशन रोकने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

उन्होंने बताया कि ” एंटी-करप्शन ब्यूरो को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति दी गई है, जिससे उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों तक पर कार्रवाई संभव हो सकी है। विधायक निधि में अनियमितताओं की शिकायतों पर खातों को फ्रीज़ कर उच्च स्तरीय जांच के निर्देश देना सरकार की पारदर्शिता को दर्शाता है।

सिसोदिया ने कहा कि ” आम नागरिकों को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो की हेल्पलाइन नंबर 1064 और व्हाट्सएप नंबर 94135-02834 को सभी विभागों में प्रदर्शित किया गया है। साथ ही, सीबीआई को सामान्य सहमति बहाल कर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।”

About The Author