February 3, 2026

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भारत की आंतरिक आर्थिक आत्मनिर्भरता को मज़बूत करने वाला बजट – अरविन्द सिसोदिया

कोटा, 2 फरवरी: राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्याशी अरविन्द सिसोदिया ने केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट “कर्तव्य, समावेशन और विकास” के स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक सशक्त, दूरदर्शी और ऐतिहासिक कार्य योजना को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सिसोदिया नें कहा कि ” वर्तमान समय में पूरा विश्व विभत्स ट्रेफिक बार में उलझा हुआ है, अमरीका भारत को भी बार बार टारगेट कर रहा है, येशी स्थिति में, प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में यह साहसिक बजट है। जो आत्मविश्वास से लबालब भरा हुआ है।

अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि ” कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों पर केंद्रित है।

1- आर्थिक विकास को तेज एवं स्थायी बनाना, 2-लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उनकी क्षमता का विस्तार करना, तथा 3- ‘सबका साथ–सबका विकास’ के सिद्धांत को सुदृढ़ करना।” उन्होंने कहा कि ” यह बजट बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की आर्थिक मजबूती, आत्मनिर्भरता और लचीलेपन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

सिसोदिया ने कहा कि ” यह बजट विनिर्माण, अवसंरचना, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, एमएसएमई, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और कर सुधारों के माध्यम से समग्र और संतुलित विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। वहीं

बायोफार्मा शक्ति, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, मेगा टेक्सटाइल पार्क, चैंपियन एमएसएमई योजना, शहर आर्थिक क्षेत्र, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और इनलैंड जलमार्गों जैसे प्रस्ताव भारत की उत्पादन क्षमता को बढ़ाते हुए देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएंगे।

सिसोदिया ने कहा कि “किसानों की आय बढ़ाने, उच्च मूल्य कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा भारत-विस्तार जैसे एआई आधारित कृषि समाधानों और पूर्वोत्तर एवं पूर्वोदय राज्यों पर विशेष ध्यान से यह बजट क्षेत्रीय संतुलन, ग्रामीण समृद्धि और समावेशी विकास को सुनिश्चित करता है।

सिसोदिया ने कहा कि “नया आयकर अधिनियम, कर प्रक्रियाओं का सरलीकरण, जीवन की सुगमता, टीडीएस, टीसीएस का तर्कसंगतकरण तथा व्यापार सुगमता के उपाय करदाताओं, उद्यमियों और निवेशकों के विश्वास को और अधिक मजबूत करेंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि ” यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर, समावेशी और नवाचार-आधारित भारत के निर्माण का एक दृढ़ संकल्प है। यह युवा, महिला, किसान, श्रमिक, उद्यमी और मध्यम वर्ग आदि सभी के लिए नए अवसरों और संभावनाओं के द्वार खोलता है।

सिसोदिया नें कहा कि ” यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करेगा।

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