कमांद, टिहरी गढ़वाल, 23 अगस्त 2026: राजकीय महाविद्यालय कमांद, टिहरी गढ़वाल में अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS) के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 11 से 21 अगस्त 2026 तक विभिन्न अकादमिक, कौशल विकास, उद्यमिता, सांस्कृतिक एवं विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियों तथा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर गौरी सेवक के मार्गदर्शन एवं संरक्षण तथा ABSS की नोडल अधिकारी एवं चीफ प्रॉक्टर डॉ. शेफाली शुक्ला के निर्देशन में महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा किया गया।
कार्यक्रमों की श्रृंखला में 11 अगस्त को “NEP 2020 के परिवर्तनकारी प्रभाव” विषय पर लेख लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रवीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
19 अगस्त को डॉ. राकेश नौटियाल ने PowerPoint Presentation के माध्यम से विद्यार्थियों को NEP 2020 के प्रमुख प्रावधानों एवं कौशल-आधारित शिक्षा से परिचित कराया। इसी दिन डॉ. दीपक राणा द्वारा महाविद्यालय में NEP 2020 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न अकादमिक, सांस्कृतिक, कौशल विकास एवं रोजगारपरक गतिविधियों पर आधारित डॉक्यूमेंटरी फिल्म प्रदर्शित की गई।
“NEP सफलता कहानी नेटवर्क” के अंतर्गत महाविद्यालय की छात्रा शिवानी ने NEP 2020 के तहत बी.ए. चतुर्थ वर्ष में अध्ययन का अवसर प्राप्त करने एवं उसे सफलतापूर्वक पूर्ण करने का अपना अनुभव अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
20 अगस्त को “NEP 2020 से विकसित भारत@2047 की ओर : लक्ष्य, भविष्य का रोडमैप एवं संभावनाएँ” विषय पर ऑनलाइन वेबिनार आयोजित किया गया।
जिसके आयोजन एवं समन्वय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रवीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वेबिनार में चमन लाल महाविद्यालय, लंढौरा, रुड़की के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीशू कुमार ने NEP 2020 एवं विकसित भारत@2047 में शिक्षा की भूमिका पर व्याख्यान दिया, जबकि BHU से श्री मयंक ने “भारतीय ज्ञान चिंतन परंपरा” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
इसी दिन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर गौरी सेवक ने “जलवायु परिवर्तन एवं उससे उत्पन्न चुनौतियाँ” विषय पर PowerPoint Presentation के माध्यम से व्याख्यान देते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के उपायों पर प्रकाश डाला।
डॉ. दीपक राणा द्वारा “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं उसके परिवर्तनकारी प्रभाव : संभावनाएँ, चुनौतियाँ एवं जिम्मेदार उपयोग” विषय पर व्याख्यान दिया गया तथा “कृत्रिम बुद्धिमत्ता : वरदान या चुनौती?” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई।
21 अगस्त को NEP 2020 के कौशल एवं रोजगारपरक शिक्षा के लक्ष्यों के अनुरूप देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनपद टिहरी गढ़वाल के नोडल अधिकारी श्री दिग्विजय सिंह जी ने विद्यार्थियों को उद्यमिता, कौशल विकास, नवाचार एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए उन्हें जॉब सीकर के बजाय जॉब प्रोवाइडर बनने के लिए प्रेरित किया।
इसी अवसर पर “विकसित भारत@2047 की दिशा में कौशल विकास एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” विषय पर विद्यार्थी संवाद तथा उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों एवं चुनौतियों को लेकर अभिभावक संवाद एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ABSS के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के सफल समापन के उपरांत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर गौरी सेवक द्वारा प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उनकी सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई।
इस अवसर पर प्राचार्या ने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ कौशल, नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


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