January 13, 2026

Naval Times News

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रोजगार के लिए नौकरी के स्थान पर चुन सकते हैं, स्वयं का व्यवसाय- आस्था सक्सेना

  •  युवा रोजगार के लिए मातृभूमि माता पिता को छोड़ कर विदेश नहीं जाए.. 
  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवा गायिका आस्था सक्सेना का संदेश

कोटा: भारतीय संगीत एवं सेवा के क्षैत्र में राष्ट्रीय अतंरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित गायिका आस्था सक्सेना ने युवाओं को रोजगार के लिए भारत में करने के साथ साथ राष्ट्रीय हित राष्ट्र प्रेम को सर्वोपरि रखने के लिए प्रेरित कर रही है।

सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए अपने मातृभूमि माता-पिता गुरु मित्रों को छोड़ कर जाना प्राथमिकता नहीं होना चाहिए।

नौकर नहीं स्व रोजगार कर मालिक बन कर भी काम किया जा सकता है।।

बहुत मजबूरी है तो विदेश जाकर अपने मातृभूमि और माता पिता को नहीं भूलना चाहिए।

इतने रत्न दिए हैं कैसे जिससे देश महान है।

भारत की परिवार व्यवस्था ही रत्नों की खान हैं।।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित गायिका आस्था सक्सेना 12 जनवरी को जन्मदिन मनाती है

आस्था का जन्म 12 जनवरी 1999 को कोटा राजस्थान के प्रसिद्ध समाज संस्कृति सेवी तबला वादक देवेंद्र सक्सेना, शास्त्रीय गायिका एवं गुरु डॉ0 संगीता सक्सेना के यहाँ हुआ।

आस्था ने अपने माता-पिता, डॉ 0 सुधा अग्रवाल, राग ऋषि पंडित रामाश्रय झा रामरंग जी से संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

श्रध्देय डॉ प्रणव पण्डया जी,श्रद्धेय शैल बाला जी स्वामी रामदेव जी,

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, लोक सभा अध्यक्ष श्रीमान ओम बिरला, कोटा महाराव श्री बृजराज सिंह, श्री इज्यराज सिंह, द्वारा भी आपको आशीर्वाद प्राप्त हुआ

आपको 2011 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार, 2012 में संगीत नाटक अकादमी जोधपुर द्वारा प्रतिभा पुरस्कार, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नेशनल टेलेंट सर्च स्काॅलर शिप अवार्ड, जोधपुर नरेश गज सिंह द्वारा द्वारा पुरस्कृत तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तबला क्वीन लेडी जाकिर हुसैन अनुराधा पाल द्वारा पद्मश्री एम टी व्यास स्मृति संस्कृति सेवा पुरस्कार व प्रसिद्ध अभिनेता जैकी श्रॉफ द्वारा पुरस्कार प्राप्त हुआ।

शिक्षा भाषा में एम ए बी एड प्रथमप्रथमाणी, वर्तमान में आप कोटा विश्वविद्यालय कोटा से भारतीय संगीत में एम ए कर रहीं है

उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा के दौरान संगीत शिक्षक तुलसी दान वर्मा एवं कालेज शिक्षा के दौरान कई संगीत के प्रो0 राजेन्द्र माहेश्वरी प्रख्यात ग़ज़ल गायक प्रो0 रोशन भारती आदि आचार्यों से भी ज्ञान प्राप्त किया।

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