September 21, 2026

Naval Times News

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सावक मंच ने सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी को सौंपा ज्ञापन, नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश और अर्धकुंभ कार्यों में पारदर्शिता की मांग

संजीव शर्मा,हरिद्वार:  राष्ट्रीय सावक मंच के कार्यकर्ताओं ने मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी को ज्ञापन सौंपकर तीर्थनगरी हरिद्वार में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा अर्धकुंभ मेले से संबंधित विकास एवं निर्माण कार्यों में जनता के कर से प्राप्त धन के पारदर्शी एवं उचित उपयोग की मांग की।

सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी ने प्रतिनिधिमंडल के साथ गंभीर विषयों पर सकारात्मक वार्ता के बाद ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ज्ञापन में संयोजक चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार केवल एक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की विश्वविख्यात तीर्थनगरी है। प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गंगा दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसी पवित्र तीर्थभूमि में नशीले पदार्थों का बढ़ता अवैध कारोबार समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति व्यक्ति के स्वास्थ्य और परिवार को प्रभावित करने के साथ-साथ अपराध, आर्थिक शोषण, सामाजिक विघटन और युवाओं के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इसलिए हरिद्वार को नशामुक्त एवं सुरक्षित तीर्थनगरी बनाने के लिए प्रशासन को निरंतर प्रभावी अभियान चलाने की आवश्यकता है।

मंच ने अर्धकुंभ मेले के दृष्टिगत चल रहे विकास, निर्माण, सौंदर्यीकरण, यातायात, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की।

चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि इन कार्यों में खर्च होने वाला धन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जनता के कर एवं सार्वजनिक राजस्व से आता है। इसलिए प्रत्येक सार्वजनिक परियोजना में गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना जनहित में आवश्यक है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें

हरिद्वार में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी अभियान चलाकर कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाए।

विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों एवं युवा केंद्रित क्षेत्रों के आसपास नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए।

अर्धकुंभ से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं की स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था, कार्य की समयसीमा और निर्धारित उद्देश्य जैसी मूलभूत जानकारी सार्वजनिक की जाए।

अर्धकुंभ से संबंधित निर्माण एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता की समय-समय पर सक्षम एवं स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जांच कराई जाए।

जनता के धन से किए जा रहे कार्यों में अनावश्यक व्यय, दोहराव एवं अपव्यय की संभावना को रोकते हुए वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जाए।

चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार की पवित्रता केवल गंगा तट और मंदिरों से नहीं, बल्कि यहां के सामाजिक वातावरण, युवाओं के सुरक्षित भविष्य और ईमानदार एवं पारदर्शी प्रशासन से भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन जनता की अमानत है और उसके प्रत्येक व्यय में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही के सिद्धांतों का पालन होना चाहिए।

ज्ञापन देने वालों में सावक मंच के जिला अध्यक्ष कीर्तिकांत शर्मा, जिला उपाध्यक्ष शरद अग्रवाल, जिला महामंत्री विशाल यादव, युवा जिलाध्यक्ष शिवम कौशिक, पार्थ शांडिल्य, पीयूष कौशिक, नवीन शर्मा, आशीष पटवाल, गौरव भट्ट, साहिल बग्गा, रचित सिंघल, पंडित सुनील शर्मा, विकास राजपूत, नरेश शर्मा, जय बाली, दिनेश शर्मा, जितेंद्र यादव, मनोज गिरी, सनी भाटिया, विकास अरोड़ा, गोपाल तनेजा, मनोज जैन सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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