हरिद्वार: दंडी स्वामी गोविंदानंद सरस्वती महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के शंकराचार्य शब्द का प्रयोग करने पर आपत्ति जताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना बताया है।
स्वामी गोविंदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि मीडिया उच्चतम न्यायालय के 2018 और 2022 के आदेश के अनुसार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य शीर्षक का उपयोग करने या ज्योर्तिमठ पीठ के संदर्भ में खुद को शंकराचार्य संबोधित करके प्रस्तुत न करें, ऐसा स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस न्यायिक प्रतिबंध के बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य शीर्षक के झूठे पद नाम से मीडिया को पत्रकार वार्ता के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।
उन्होंने मीडिया को सलाह देते हुए कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य के रूप में संदर्भित नहीं करें। यदि ऐसा किया जाता है तो यह उच्चतम न्यायालय के आदेश को जानबूझकर उल्लंघन माना जाएगा। उसके साथ संबंधित कानून के तहत अनुमान की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी मीडिया बंधु न्यायिक निर्देशों का पालन करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद महाराज से संबंधित किसी भी सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने से पूर्व न्यायालय के सभी संदर्भों की जांच कर लें, यदि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य के संदर्भ में प्रस्तुत किया जाता है तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।


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