हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी, हरिद्वार में हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता, सम्मान एवं प्रेम की भावना विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए काव्य-पाठ, निबंध लेखन एवं पोस्टर प्रतियोगिता सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. दीक्षित कुमार, सहायक आचार्य, हिंदी विभाग, राजकीय महाविद्यालय लक्सर उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार, सचिव श्री आदेश कुमार, पृथ्वी सिंह विकसित ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के निदेशक डॉ. इवांशु जी तथा डॉ. गौरव कुमार मिश्र सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के परिणामों में काव्य-पाठ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रोहित (एम.ए. तृतीय वर्ष), द्वितीय स्थान निधि (बी.ए. द्वितीय वर्ष) तथा तृतीय स्थान तरुण (बी.ए. तृतीय वर्ष) ने प्राप्त किया।
निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शगुन, द्वितीय स्थान सादिया तथा तृतीय स्थान वर्षा ने प्राप्त किया।
इसी क्रम में पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान इशिका (बी.ए. तृतीय वर्ष), द्वितीय स्थान तनु (बी.ए.) तथा तृतीय स्थान निधि (बी.एससी. पंचम सेमेस्टर) ने प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं प्रतिभा की उपस्थित शिक्षकों द्वारा सराहना की गई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, साहित्य एवं भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। हिंदी भाषा हमारी पहचान और गौरव का प्रतीक है। विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति सम्मान की भावना रखते हुए इसके अध्ययन, लेखन एवं प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
महाविद्यालय के सचिव श्री आदेश कुमार ने कहा कि हिंदी हमारी समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य से जुड़कर अपनी रचनात्मक एवं अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करना चाहिए।
मुख्य अतिथि डॉ. दीक्षित कुमार, सहायक आचार्य, हिंदी विभाग, राजकीय महाविद्यालय लक्सर ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को जोड़ने वाली भाषा है। उन्होंने कहा कि आज हिंदी का प्रयोग शिक्षा, मीडिया, प्रशासन, तकनीक और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए इसके अधिकाधिक प्रयोग के साथ-साथ हिंदी साहित्य के अध्ययन के लिए भी प्रेरित होना चाहिए।
हिंदी विभाग की डॉ. रोमा ने कहा कि हिंदी हमारी समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य से जुड़कर अपनी रचनात्मक एवं अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करना चाहिए।
अर्थशास्त्र विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सीमा ने कहा कि हिंदी आज विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली भूमिका निभा रही है। शिक्षा, मीडिया, प्रशासन, तकनीक एवं अन्य क्षेत्रों में हिंदी का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है।
ड्राइंग एवं पेंटिंग विभाग के श्री अंकित कोहली ने कहा कि कला और भाषा दोनों ही भावनाओं एवं विचारों की प्रभावी अभिव्यक्ति के माध्यम हैं। पोस्टर मेकिंग जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सहायक आचार्य डॉ. गौरव कुमार मिश्र ने बताया कि हिन्दी एक मात्र भाषा नहीं बल्कि भावनाओं की भाषा और मातृ भाषा है। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा की परंपरा अत्यधिक समृद्ध रही है और आने वाले समय में हिंदी भाषा का योगदान चिकित्सा और तकनीक के क्षेत्र में भी बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी सहायक आचार्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. गुड्डी चमोली एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।


More Stories
राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में पुस्तक भेंट समारोह के साथ हिन्दी दिवस कार्यक्रम श्रृंखला का समापन
मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के दूसरे दिन योगासन प्रतियोगिताओं का आयोजन
अपना हर पल उत्तराखंड को विकसित बनाने में लगा रहे पुष्कर सिंह धामी- सुनील सैनी