March 12, 2026

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हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज में, IPR जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी, हरिद्वार (उत्तराखंड) में महाविद्यालय के IPR सेल द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) विषय पर एक IPR Awareness Program का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय में शोध एवं नवाचार (Research and Innovation) को बढ़ावा देना तथा पेटेंट और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार ने “The Role of Patent in Research and Innovation” विषय पर व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि पेटेंट शोध कार्यों को सुरक्षा प्रदान करते हैं तथा नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को अधिक से अधिक शोध कार्य करने और अपने नवाचारों को पेटेंट कराने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर उपाचार्य डॉ. अलका सैनी ने कहा कि आज के समय में बौद्धिक संपदा अधिकारों की जानकारी प्रत्येक शिक्षक और शोधकर्ता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल व्यक्तिगत शोध कार्य को पहचान मिलती है बल्कि संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा भी बढ़ती है।

IPR सेल के प्रभारी डॉ. सुशील कुमार ने महाविद्यालय में पेटेंट से संबंधित उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक कॉलेज से कुल 17 पेटेंट प्रकाशित हो चुके हैं तथा 20 पेटेंट ग्रांट हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में पेटेंट के क्षेत्र में कई शिक्षकों ने उल्लेखनीय योगदान दिया है।

पेटेंट उपलब्धियों में डॉ. मोनिका वत्स के 4 पेटेंट, डॉ. संदीप कुमार के 5 ग्रांटेड पेटेंट, डॉ. सुशील कुमार के 3 प्रकाशित पेटेंट, डॉ. प्रभात के 2 पेटेंट, डॉ. अलका सैनी का 1 पेटेंट, डॉ प्रियंका कुमारी का 1 पेटेंट, डॉ. मीनाक्षी सैनी के 4 तथा डॉ. रीना मिश्रा के 4 पेटेंट प्रकाशित हो चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि IPR सेल भविष्य में भी सभी शिक्षकों को पेटेंट प्रकाशित एवं ग्रांट कराने में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा तथा सभी से IPR सेल को और अधिक समृद्ध (enrich) करने में सहयोग करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम की सफलता में IPR सेल की सदस्य डॉ. मोनिका वत्स एवं डॉ. मीनाक्षी सैनी का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी सहायक आचार्यों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया तथा महाविद्यालय के सभी कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।

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