हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी (हरिद्वार) के भूगोल विभाग द्वारा एम. ए. द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के लिए दिनांक 10 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति निकेतन, देहरादून में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पारिस्थितिकी (Ecology), पर्यावरण, जैव विविधता तथा भौगोलिक अध्ययन के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को राष्ट्रपति निकेतन परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों—संग्रहालय, सुसज्जित उद्यान एवं जैव विविधता क्षेत्र—का अवलोकन कराया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने प्राकृतिक पर्यावरण, वनस्पति विविधता तथा भौगोलिक संरचनाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन किया, जिससे उनके सैद्धांतिक ज्ञान में व्यावहारिक दृष्टिकोण का समावेश हुआ।
टूर के दौरान टूर गाइड श्री आर.के. जोशी द्वारा राष्ट्रपति निकेतन के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने विद्यार्थियों को पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के विषय में सरल एवं प्रभावशाली ढंग से अवगत कराया।
इस अवसर पर डॉ. शांति सिंह (सहायक आचार्य/विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग) एवं डॉ. राहुल कुमार (सहायक आचार्य, भूगोल विभाग) द्वारा छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को क्षेत्रीय अध्ययन की उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता तथा वर्तमान समय में भौगोलिक अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला।
पर्यावरण संरक्षण शपथ (Botanical Garden में)
भ्रमण के दौरान राष्ट्रपति निकेतन परिसर के Botanical Garden में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. शांति सिंह, डॉ. राहुल कुमार एवं टूर गाइड श्री आर.के. जोशी के निर्देशन में छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि—
👉 वे पर्यावरण की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति सदैव जागरूक रहेंगे।
👉 वे पेड़-पौधों एवं प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करेंगे तथा अपने आसपास स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखेंगे।
वे पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए स्वयं भी प्रयास करेंगे तथा समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं नैतिक कर्तव्यबोध का विकास हुआ।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने स्थलाकृतिक विशेषताओं, जैव विविधता एवं पर्यावरणीय घटकों का गहन अध्ययन किया तथा अवलोकन के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ अर्जित कीं। यह भ्रमण उनके लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ प्रेरणादायक भी सिद्ध हुआ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजय कुमार ने इस शैक्षणिक भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक ज्ञान के माध्यम से ही विद्यार्थी विषय की गहराई को समझ पाते हैं तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए।
अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने इस शैक्षणिक भ्रमण में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं आनंददायक अनुभव बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमणों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।


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