August 30, 2026

Naval Times News

निष्पक्ष कलम की निष्पक्ष आवाज

हरिद्वार: यूजीसी रोल बैक की मांग को लेकर 6 सितंबर को बहादराबाद में होगा विशाल सम्मेलन

  • 75 साल बाद भी जाति की जंजीरों में क्यों जकड़ा है देश? : आनंद स्वरूप
  • स्वामी आनंद स्वरूप बोले—यह किसी पार्टी का आंदोलन नहीं, हक और समानता की लड़ाई

हरिद्वार:  बिल्केश्वर महादेव मंदिर में स्वर्ण समाज की ओर से यूजीसी रोल बैक की मांग को लेकर आयोजित बैठक में आगामी 6 सितंबर को बहादराबाद में होने वाले विशाल सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हुई।

बैठक में समाज के लोगों में आंदोलन को लेकर उत्साह दिखाई दिया। सभा को संबोधित करते हुए स्वामी आनंद स्वरूप ने आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की और इसे समानता, अधिकार तथा न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग बताया।

स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं है, बल्कि समाज के हक, भविष्य और देश की सामाजिक व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने रखने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए जातिगत टकराव और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने के बजाय समानता के प्रश्न पर गंभीर एवं व्यापक चर्चा जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी देश में समानता को लेकर बहस जारी है। आरक्षण व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके आधार और स्वरूप पर समय-समय पर निष्पक्ष चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए आरक्षण की व्यवस्था और उसकी अवधि से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों पर भी चर्चा की।

स्वामी आनंद स्वरूप ने सवाल उठाया कि क्या अब समय नहीं आ गया है कि देश में अवसर और सहायता का आधार केवल जाति न होकर वास्तविक जरूरत तथा आर्थिक स्थिति जैसे विभिन्न मानकों पर भी गंभीरता से विचार किया जाए। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सवाल किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है।

उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति चाहे किसी भी जाति, समुदाय या वर्ग से हो, उसे शिक्षा, रोजगार और विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। उनका कहना था कि समाज को किसी के अधिकार छीनने की लड़ाई नहीं लड़नी है, बल्कि समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और देश के सामने रखना है।

बैठक में आगामी 6 सितंबर को बहादराबाद में प्रस्तावित विशाल सम्मेलन को सफल बनाने के लिए समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से सामने रखने के लिए समाज को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होकर अपनी आवाज उठानी होगी।

सभा के दौरान मौजूद लोगों ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ एकजुट रहने का संकल्प लिया। बैठक में यूजीसी रोल बैक समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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