07 अगस्त 2026: उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मुख्यमंत्री – उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्धन प्रशिक्षण योजना” के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग, हल्द्वानी (नैनीताल) द्वारा आयोजित शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के पांचवें दिन प्रतिभागियों ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) का दौरा किया।
इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने शैक्षणिक कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे सभी शिक्षकों को संबोधित किया। कुलपति जी ने सभी आगंतुक प्रतिभागियों को पारंपरिक रूप से पटका पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में माननीय कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अपने स्थापना काल से ही पारंपरिक ज्ञान, चरित्र निर्माण, राष्ट्रसेवा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने रेखांकित किया कि विश्वविद्यालय अपने मूल आदर्शों को अक्षुण्ण रखते हुए भारत की उच्च शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अतुलनीय और भगीरथ प्रयास कर रहा है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में कला संकाय के अध्यक्ष तथा सचिव श्री राजीव श्रीवास्तव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी अपने वक्तव्य से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें जीवन में शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान सहायक कुलसचिव (सामान्य प्रशासन) श्री अशोक कुमार शर्मा और शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अजीत कुमार सैनी ने “मुख्यमंत्री – उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्धन प्रशिक्षण योजना” के मुख्य उद्देश्यों, उसकी रूपरेखा और दूरगामी सकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके साथ ही उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान में भ्रमण और संवाद का अवसर प्रदान करने के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति विशेष रूप से आभार और धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस ज्ञानवर्धक और प्रेरक सत्र के प्रति शैक्षणिक भ्रमण पर आए सभी प्रतिभागियों ने अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी प्रतिभागी संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय पहुंचे, जहाँ उन्होंने संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर विनय कुमार पांडेय के सारगर्भित, अत्यंत विद्वतापूर्ण और प्रेरणादायी व्याख्यान का लाभ उठाया। इस प्रकार, उत्तराखंड के इस उच्च स्तरीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के पांचवें दिवस का सफलतापूर्वक और अत्यंत सकारात्मक माहौल में समापन हुआ।
इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों ने कला संकाय में अपने अपने विभागों में शैक्षिक भ्रमण किया एवं अपने अपने विषय विशेषज्ञों से विचार विमर्श किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अजीत सैनी जी द्वारा कार्यक्रम कार्यकम का उत्कृष्ट संचालन किया।


More Stories
उत्तराखंड मंत्रीमंडल की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी
देवप्रयाग-पौड़ी मोटर मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा- हरिद्वार के एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
कांवड़ मेले का नौवां दिन: अब तक 2.64 करोड़ शिवभक्त गंगा जल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर हो चुके हैं रवाना