नानकमत्ता, 16 सितम्बर 2026: महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, नानकमत्ता में नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत आज राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं एंटी ड्रग प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में वृहद नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, अनुशासित एवं रचनात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों एवं अन्य विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, विद्यार्थियों को नशे से स्वयं दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज में भी नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक जागरूकता उत्पन्न करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की ऊर्जा, क्षमता और भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं।
यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराई से प्रभावित होते हैं तो इसका प्रतिकूल प्रभाव केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ, सशक्त, अनुशासित और विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहते हुए शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों, सामाजिक सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रवि जोशी ने कहा कि नशामुक्ति केवल व्यक्तिगत संकल्प का विषय नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक दायित्व भी है। युवाओं में जागरूकता, आत्मसंयम और सकारात्मक जीवन-मूल्यों का विकास नशे की प्रवृत्ति को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के युवाओं को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है और नशामुक्त समाज के निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर एंटी ड्रग प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश सिंह एवं डॉ. आशा गढ़िया ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता को प्रभावित करने के साथ-साथ उसके पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के विभिन्न स्वरूपों, उसके दुष्परिणामों तथा नशे की प्रवृत्ति से बचने के व्यावहारिक उपायों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन में आकर नशीले पदार्थों का सेवन न करें तथा आवश्यकता पड़ने पर परिवार, शिक्षक या संबंधित सहायता तंत्र से तत्काल परामर्श प्राप्त करें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो मृत्युंजय शर्मा, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ निवेदिता अवस्थी, डॉ ममता सुयाल, डॉ उमेश जोशी, डॉ शशि प्रकाश सिंह, डॉ आशा गढ़िया, डॉ रवि जोशी, डॉ मंजुलता जोशी, डॉ दर्शन सिंह मेहता, महेश कन्याल, गंगा देवी, राम जगदीश सिंह, विपिन थापा, सुनील कुमार, अतुल राणा, शिवानी राणा, नेहा भट्ट, शगुन राणा, मनदीप कौर, निवेदिता मांझी सहित अधिकांश एनएसएस स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों एवं संबंधित प्रकोष्ठ के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।


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