पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल। राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय बनास-पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के अंतर्गत कौशल विकास पाठ्यक्रम को व्यावहारिक रूप प्रदान करने के उद्देश्य से 15 सितंबर 2026 को शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया।
भ्रमण कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वनस्पति विज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. प्रकाश फोंदणी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
बी.एससी. वनस्पति विज्ञान के 20 छात्र-छात्राओं के दल ने महाविद्यालय परिसर, आसपास के प्राकृतिक वन क्षेत्रों तथा वन विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न पादप प्रजातियों की पहचान, उनके उपयोग, औषधीय महत्व एवं संरक्षण की जानकारी प्राप्त की। साथ ही, नर्सरी में पौध तैयार करने की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझा।
वन विभाग की अधिकारी मेघा बिष्ट ने विद्यार्थियों को नर्सरी स्थापना एवं प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी देते हुए मिट्टी, गोबर की खाद एवं रेत के उचित अनुपात, बीज बोने के उपयुक्त समय, पौध तैयार करने की विधि तथा क्षेत्र के लिए उपयोगी पादप प्रजातियों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने नर्सरी में पौध तैयार करने की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से देखा और समझा।
इस अवसर पर वनस्पति विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रकाश फोंदणी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक एवं कौशल-आधारित शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आंवला, लेमनग्रास, तेजपत्ता, बांज, बुरांश, काफल, देवदार, मेलू, पय्या, कैक्टस, शहतूत, नीम, तुन एवं चूला जैसी बहुउपयोगी पादप प्रजातियों की नर्सरी तैयार कर विद्यार्थी अपने कौशल को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ सकते हैं। इसी प्रकार फ्लोरीकल्चर के अंतर्गत ग्लैडियोलस एवं लिलियम जैसे व्यावसायिक कट-फ्लावर की खेती भी रोजगार के नए अवसर प्रदान कर सकती है।
विद्यार्थियों ने कहा कि कक्षा में पढ़ाए जाने वाले कौशल विकास पाठ्यक्रम को प्राकृतिक परिवेश और नर्सरी में प्रत्यक्ष रूप से देखने से उन्हें विषय की वास्तविक एवं व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई। उन्होंने इस शैक्षिक भ्रमण को ज्ञानवर्धक, रोचक एवं भविष्य की दृष्टि से उपयोगी बताया।
शैक्षिक भ्रमण करने वाले छात्र-छात्राओं की मुलाकात सयुंक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रोफेसर संगीता गुप्ता से भी हुई। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद किया तथा इस प्रकार की व्यावहारिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सभी छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय ने भी छात्र-छात्राओं को इस सफल शैक्षिक भ्रमण के लिए बधाई दी तथा कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महाविद्यालय के सभी सम्मानित प्राध्यापकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों ने भी छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रयोगशाला सहायक प्रवीण सिंह एवं प्रयोगशाला परिचर अर्चना का विशेष सहयोग रहा।


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