October 8, 2026

Naval Times News

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महाविद्यालय नानकमत्ता में गाँधी दर्शन एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन छात्रवृत्ति के संदर्भ में जागरूकता एवं परामर्श कार्यशाला आयोजित

नानकमत्ता। महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नानकमत्ता में कैरियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ के तत्वावधान में “गाँधी दर्शन एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन छात्रवृत्ति” के संदर्भ में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता एवं परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के अवसरों, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध शैक्षिक सहयोग के संबंध में प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना तथा उन्हें अपने कैरियर के प्रति जागरूक एवं सजग बनाना रहा।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियाँ किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्तियाँ केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे प्रतिभाशाली एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर और आत्मनिर्भर बनने का विश्वास प्रदान करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया। प्राचार्य ने कहा कि गाँधी जी का शिक्षा-दर्शन व्यक्ति के सर्वांगीण विकास, आत्मनिर्भरता, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित था, जिसकी प्रासंगिकता आज के युवा समाज में और भी बढ़ गई है।

इस अवसर पर अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर श्री शाहबुद्दीन अंसारी ने विद्यार्थियों को अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन छात्रवृत्ति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रवृत्ति की पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा चयन प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना सामाजिक समानता और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन, निरंतर अध्ययन और उपलब्ध अवसरों के प्रति सजगता को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, विचार और दृष्टिकोण को विकसित करने की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें अपने अध्ययन के साथ-साथ सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों जैसे मानवीय मूल्यों को भी अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गाँधी दर्शन आज भी युवाओं को नैतिक साहस, आत्मानुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा प्रदान करता है।

महाविद्यालय के कैरियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो. राघवेन्द्र मिश्रा ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं कौशल विकास से संबंधित अवसरों की समयबद्ध जानकारी भी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कैरियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता एवं संभावनाओं के अनुरूप सही दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति संबंधी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक समझने तथा आवेदन प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा एवं कैरियर से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा समाधानपरक उत्तर प्रदान किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मृत्युंजय शर्मा, डॉ सुमन कुमारी, डॉ. निवेदिता अवस्थी, डॉ. ममता सुयाल, डॉ. चंपा टम्टा, डॉ. मंजुलता जोशी, डॉ. दर्शन सिंह मेहता, डॉ. रवि जोशी, डॉ गौरवेंद्र आर्या, डॉ आशा गढ़िया, महेश कन्याल, राम जगदीश सिंह, विपिन थापा, सुनील कुमार, छात्र संघ अध्यक्ष अतुल राणा, सचिव नीरज जोशी, बेबी कौर, मनप्रीत कौर, कपिल सिंह राणा, कुलविंदर कौर भी उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन डॉ. राघवेन्द्र मिश्रा द्वारा किया गया।

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