October 25, 2026

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महाविद्यालय नानकमत्ता में उद्यमिता जागरूकता एवं कौशल विकास पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित

नानकमत्ता, 24 अक्टूबर 2026। महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, नानकमत्ता में इलेक्ट्रॉनिकी सेवा एवं प्रशिक्षण केन्द्र (ईएसटीसी), रामनगर तथा महाविद्यालय के मध्य हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

महाविद्यालय के कैरियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा उद्योग स्थापना के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता एवं प्रशिक्षण संबंधी अवसरों से परिचित कराना था।

कार्यशाला में इलेक्ट्रॉनिकी सेवा एवं प्रशिक्षण केन्द्र, रामनगर के वैज्ञानिक अधिकारी एवं मुख्य प्रशिक्षक श्री नयनज्योति तालुकदार तथा वैज्ञानिक श्री प्रशांत ढौढियाल ने विद्यार्थियों को संस्थान की प्रशिक्षण गतिविधियों, तकनीकी कौशल संवर्धन एवं उद्यमिता विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। श्री नयनज्योति तालुकदार ने उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को स्वरोजगार की संभावनाओं, उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तथा विभिन्न उद्योगों के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली अनुदान एवं वित्तीय सहायता संबंधी योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने तकनीकी दक्षता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्त्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक परिवेश में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल एवं उद्यमशीलता की समझ प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों एवं तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों के मध्य सहयोग विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी अवसरों से जोड़ने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षताओं एवं नवाचार की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उद्यमिता एवं कौशल विकास से संबंधित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वरोजगार की संभावनाओं को समझने, उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करने तथा भविष्य के लिए व्यावसायिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। कैरियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी प्रो. राघवेन्द्र मिश्रा ने विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन, कौशल उन्नयन एवं रोजगार के विविध अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराने में इस प्रकार की कार्यशालाओं की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला में महाविद्यालय के कुल 41 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया तथा उद्यमिता जागरूकता, तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं उद्योग स्थापना से संबंधित महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मृत्युंजय शर्मा, प्रो. राघवेन्द्र मिश्रा, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. निवेदिता अवस्थी, डॉ। ममता सुयाल, डॉ. भुवन चन्द्र जोशी, डॉ. चम्पा टम्टा, डॉ. उमेश जोशी, डॉ. शशि प्रकाश सिंह, डॉ. मंजुलता जोशी, डॉ गौरवेंद्र आर्य, डॉ. आशा गढ़िया, महेश कन्याल, संगीता मेहता, राम जगदीश सिंह, विपिन थापा, सुनील कुमार, भावना राणा, छात्र संघ अध्यक्ष अतुल राणा, सचिव नीरज जोशी, उपाध्यक्ष निर्मल कौर, बीना गोस्वामी, कुलविंदर कौर, शगुन, स्नेहा, सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन डॉ रवि जोशी द्वारा किया गया

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