August 25, 2026

Naval Times News

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ABSS 2026 के अंतर्गत विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता और नवाचार की प्रतिभा

टिहरी गढ़वाल:  राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड के निर्देशानुसार शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय, अगरोड़ा (धारमण्डल), टिहरी गढ़वाल में अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS) 2026 के अंतर्गत अगस्त माह में विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. एस. जौहरी की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रमों का सफल संचालन संयोजक श्री जोगेंद्र कुमार द्वारा नामित प्राध्यापकों के सहयोग से किया गया।
डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई कल्पनाशीलता
अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में “Envisioning Education @2047” विषय पर डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने वर्ष 2047 की शिक्षा व्यवस्था की अपनी परिकल्पना को डिजिटल पोस्टरों के माध्यम से आकर्षक एवं रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। डिजिटल शिक्षा, तकनीकी नवाचार, कौशल विकास, समावेशी शिक्षा तथा विकसित भारत की संकल्पना को पोस्टरों में प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
प्रतियोगिता में सुम्बिका (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने प्रथम, अनिशा (एम.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने द्वितीय तथा निकिता और मीनाक्षी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कविता एवं कहानी लेखन में उभरी साहित्यिक प्रतिभा
अगस्त माह के द्वितीय सप्ताह में “Voices of Tomorrow” विषय पर कविता एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्यिक अभिरुचि, सृजनात्मकता, कल्पनाशीलता एवं अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना था।
विद्यार्थियों ने भविष्य के भारत, शिक्षा, युवा शक्ति, सामाजिक परिवर्तन एवं मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। प्रतियोगिता में भागीरथी ग्रुप ने प्रथम, गंगोत्री ग्रुप ने द्वितीय तथा कावेरी ग्रुप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
“NEP in Action” में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए नवाचारी मॉडल
अगस्त माह के तृतीय सप्ताह में “NEP in Action” विषय पर नवाचार प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विभिन्न नवीन विचारों, मॉडलों एवं गतिविधियों का प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी में शिक्षा में तकनीकी प्रयोग, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों का उपयोग, पर्यावरण संरक्षण तथा समस्या-समाधान आधारित नवाचारों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया।
वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी में परखी तार्किक क्षमता
अगस्त माह के चतुर्थ सप्ताह में कार्यक्रमों के अंतिम चरण के रूप में वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। वाद-विवाद के माध्यम से विद्यार्थियों ने समसामयिक शैक्षिक एवं सामाजिक विषयों पर अपने विचार तार्किक एवं प्रभावशाली ढंग से रखे।
वहीं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाक्रम तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से संबंधित ज्ञान का परीक्षण किया गया। प्रतियोगिता में मोनिका व्यास ने प्रथम, रेणुका एवं वंशिका ने द्वितीय तथा निकिता एवं आशुतोष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किया प्रतिभाग
महाविद्यालय में आयोजित सभी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साह एवं सक्रियता के साथ प्रतिभाग किया। विभिन्न गतिविधियों ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन, समस्या समाधान क्षमता एवं टीम भावना का विकास हुआ।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को मिला प्रोत्साहन
महाविद्यालय में आयोजित इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति समझ विकसित करने के साथ-साथ डिजिटल एवं तकनीकी दक्षता, लेखन एवं अभिव्यक्ति कौशल तथा नवाचारपरक सोच को बढ़ावा मिला। साथ ही विद्यार्थियों को विकसित भारत @2047 की परिकल्पना से जोड़ने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
समग्र रूप से अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS) 2026 के अंतर्गत आयोजित डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता, कविता एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता, नवाचार प्रदर्शनी तथा वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। इन कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, सृजनात्मकता एवं नवाचारी विचारों को प्रस्तुत करने के लिए प्रभावी मंच प्रदान किया। कार्यक्रमों के सफल संचालन में महाविद्यालय के प्राचार्य, संयोजक एवं नामित प्राध्यापकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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