February 1, 2026

Naval Times News

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हरिद्वार: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) उन्मुखीकरण एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन

हरिद्वार: यूजीसी–एमएमटीटीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर, एस.जी.टी.बी. खालसा कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के तत्वाधान में तथा धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी, हरिद्वार (उत्तराखंड) के शैक्षणिक सहयोग (Collaboration) से आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) उन्मुखीकरण एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

यह दस दिवसीय कार्यक्रम दिनांक 21 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन सायं 05:00 बजे से 08:15 बजे तक ऑनलाइन माध्यम (Zoom प्लेटफॉर्म) पर संचालित किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में सहायक आचार्यों, प्रोफेसरों एवं शोध विद्यार्थियों ने सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता की।

कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन Programme Coordinator के रूप में डॉ. अलका सैनी, विभागाध्यक्ष शिक्षा विभाग (HOD, Education Department), धनौरी पी.जी. कॉलेज तथा डॉ. सुशील कुमार, भौतिकी विभाग, धनौरी पी.जी. कॉलेज द्वारा किया गया।

दोनों समन्वयकों के कुशल नेतृत्व, शैक्षणिक दक्षता एवं समन्वय से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं सार्थक सिद्ध हुआ।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम एस.जी.टी.बी. खालसा कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित किया गया, जो धनौरी पी.जी. कॉलेज के लिए शैक्षणिक दृष्टि से गौरवपूर्ण उपलब्धि रही।

कार्यक्रम का आयोजन यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुरूप किया गया तथा यह CAS (Career Advancement Scheme) के अंतर्गत पूर्णतः मान्य रहा।

कार्यक्रम हेतु पंजीकरण निःशुल्क रखा गया, जिससे अधिकाधिक शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की नवीन अवधारणाओं, शिक्षण-अधिगम पद्धतियों एवं मूल्यांकन प्रणाली से परिचित होने का अवसर प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोजक टीम एवं दोनों कार्यक्रम समन्वयकों को बधाई दी और कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के शैक्षणिक, अकादमिक एवं व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वहीं संस्था के माननीय सचिव श्री आदेश कुमार सैनी जी ने कार्यक्रम के सफल समापन पर हर्ष व्यक्त करते हुए सभी समन्वयकों एवं प्रतिभागी शिक्षकों को शुभकामनाएँ दीं तथा कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम के अंतिम दिवस पर प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए तथा आयोजक संस्थाओं एवं कार्यक्रम समन्वयकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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