राजकीय महाविद्यालय पाबौ में प्राचार्य प्रो० सत्य प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय हिंदी भाषा दिवस के अंतर्गत 14 सितंबर से 29 सितंबर तक हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने हिंदी के महत्व एवं मातृभाषा पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए बताया कि 14 सितंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया था।
इस दिन का काफी ऐतिहासिक महत्त्व था। ऐसे में हिंदी को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने यह दिन हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाना तय किया।
हिंदी भाषा भारत के अलग अलग राज्यों के अलग अलग धर्मों, जातियों, संस्कृति, वेशभूषा व खान-पान वाले लोगों को एकता के सूत्र में बांधती है। देश को एक रखती है। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आज दिनांक 23 सितंबर 2024 को महाविद्यालय मे हिंदी का भविष्य और भविष्य की हिंदी विषय पर परिचर्चा तथा विस्तृत संवाद किया गया।
जिसमे महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभा किया। इसके साथ ही महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, काव्य पाठ प्रतियोगिता आदि का भी आयोजन किया गया।
इसके साथ ही महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक गणों ने भी इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की प्राध्यापिका डॉ सरिता द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ गणेश चंद, डॉ तनुजा रावत, डॉ मुकेश शाह, डॉ सुनीता चौहान, डॉ सौरभ सिंह, डॉ दीपक कुमार, डॉ धनेंद्र, डॉ धर्मेंद्र एवं महाविद्यालय के कर्मचारी गण एवं समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थिति रहे।


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