August 24, 2026

Naval Times News

निष्पक्ष कलम की निष्पक्ष आवाज

श्री शिव महापुराण कथा के नौवें दिन प्रथम ज्योतिर्लिंग ‘श्री सोमनाथ जी’ की दिव्य कथा का हुआ भावपूर्ण वर्णन

संजीव शर्मा, हरिद्वार, 23 अगस्त 2026: सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर, सेक्टर-1 समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के नौवें दिवस कथा स्थल पर भगवान शिव के परम पावन 12 ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य’ तथा प्रथम ज्योतिर्लिंग ‘श्री सोमनाथ जी’ की दिव्य कथा का अत्यंत सुंदर व भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कथा व्यास परम पूज्य आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी जी महाराज ने ज्योतिर्लिंगों की महिमा सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

​कथा का शुभारंभ करते हुए पूज्य महाराज जी ने बताया कि भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग केवल शिला रूप नहीं, बल्कि साक्षात महादेव के प्रकाश स्वरूप (ज्योति) हैं। जो मनुष्य प्रतिदिन प्रातःकाल इन 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम का स्मरण भी करता है, उसके सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे शिव धाम की प्राप्ति होती है।​

इसके पश्चात् महाराज जी ने प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब प्रजापति दक्ष के श्राप के कारण चंद्रमा का तेज क्षीण होने लगा और वे क्षय रोग से पीड़ित हो गए, तब उन्होंने सौराष्ट्र (गुजरात) के प्रभास क्षेत्र में आकर भगवान शिव की कठिन तपस्या की। चंद्रमा की निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव प्रकट हुए और उन्हें श्राप से मुक्ति दिलाते हुए पुन: कांति प्रदान की। देवताओं और चंद्रमा की प्रार्थना पर महादेव वहीं ‘सोमनाथ’ (चंद्रमा के नाथ) के रूप में ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित हो गए।

महाराज जी ने बताया कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन व पूजन से व्यक्ति के मानसिक कष्ट, असाध्य रोग और जीवन के समस्त संकट दूर हो जाते हैं।​तत्पश्चात् कथा व्यास जी ने अन्य 11 ज्योतिर्लिंगों—श्री मल्लिकार्जुन, श्री महाकालेश्वर, श्री ओंकारेश्वर, श्री केदारनाथ, श्री भीमाशंकर, श्री काशी विश्वनाथ, श्री त्र्यंबकेश्वर, श्री वैद्यनाथ, श्री नागेश्वर, श्री रामेश्वरम और श्री घृष्णेश्वर के प्राकट्य व उनकी अद्भुत महिमा का संक्षिप्त व भावपूर्ण रसपान कराया।​कथा के समापन पर आरती के पश्चात् उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

​कथा के दौरान मुख्य यजमान जे.पी. अग्रवाल व मंजू अग्रवाल सहित ब्रिजेश शर्मा, दिलीप गुप्ता, राम कुमार, जयप्रकाश, तेजप्रकाश ठाकुर, राकेश मालवीय, आदित्य गहलोत, अनिल चौहान, सुनील चौहान, मोहित शर्मा, मानदाता, हरिनारायण त्रिपाठी, दिनेश उपाध्याय, पंकज चौहान, मधुसूदन,अलका शर्मा, संतोष चौहान, पुष्पा गुप्ता, सरला शर्मा, अन्नपूर्णा, राजकिशोरी मिश्रा, रेनू शर्मा, कुसुम गैरा, भावना गहलोत, कौशल्या, मनसा मिश्रा, सुहानी गुप्ता, सुनीता चौहान एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

About The Author