हरिद्वार: पत्नी की हत्या करने के मामले में पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद आर्य ने पति को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सैनी ने बताया कि तीन जुलाई 2018 की रात सलेमपुर गांव में किराए पर रह रही महिला सरिता की मौत हो गई थी। अगले दिन की सुबह पड़ोसी पंकज ने दरोगा राकेश कुमार को घटना की सूचना दी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा की मृतका संदेहजनक तरीके से चोटिल अवस्था में पड़ी हुई थी। वहां मौजूद पड़ोसियों ने बताया कि रात में मृतक महिला सरिता व उसके पति सूरज के बीच झगड़ा हुआ था। सुबह हत्यारोपी पति ने पड़ोसियों को बताया कि उसकी पत्नी को कुछ हो गया है। इसके बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया था।
मृतक महिला के भाई ने पुलिस को बताया कि घटना के दो साल पहले मृतका की शादी आरोपी सूरज के साथ हुई थी। शादी के बाद से आरोपी शराब पीकर मारपीट, गाली-गलौज व परेशान करने लगा था।
इस घटना के एक माह पहले भी आरोपी ने उसकी बहन मृतका के साथ बुरी तरह से मारपीट की। इसके बाद उप निरीक्षक राकेश कुमार ने उसी दिन हत्यारोपी सूरज पुत्र पप्पू उर्फ बाबूलाल निवासी राई जोग भदीपुर थाना जगतपुर जिला रायबरेली यूपी के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वादी पक्ष ने अभियोजन साक्ष्य में 16 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति को दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपी 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई



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