October 30, 2026

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हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज में परंपराओं और विज्ञान के अंतर्संबंध पर व्याख्यान आयोजित

धनौरी, हरिद्वार, 05 अक्टूबर 2026: धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी (हरिद्वार) में सोमवार को आंतरिक व्याख्यान माला के अंतर्गत “20 Amazing Scientific Reasons Behind Hindu Traditions” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं रोचक व्याख्यान का आयोजन मुख्य सेमिनार हॉल में किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय परंपराओं एवं मान्यताओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने तथा अकादमिक संवाद को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. हरीश रावत ने भारतीय परंपराओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हमारे दैनिक जीवन में प्रचलित अनेक परंपराओं के पीछे स्वास्थ्य, पर्यावरण, जीवनशैली और सामाजिक व्यवहार से जुड़े विभिन्न संभावित वैज्ञानिक पक्षों को समझा जा सकता है।

डॉ. रावत ने अपने व्याख्यान में विभिन्न पारंपरिक प्रथाओं और मान्यताओं को उदाहरणों के माध्यम से सरल एवं रोचक ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी परंपरा को समझने के लिए जिज्ञासा के साथ-साथ तर्क और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी आवश्यक है। व्याख्यान के दौरान उपस्थित शिक्षकगण एवं कर्मचारियों ने विषय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न रखे, जिन पर वक्ता ने विस्तारपूर्वक चर्चा की।

कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. निधि शर्मा रहीं। उन्होंने बताया कि आंतरिक व्याख्यान माला का उद्देश्य महाविद्यालय में नियमित रूप से ऐसे अकादमिक संवाद के अवसर उपलब्ध कराना है, जिनके माध्यम से शिक्षक एवं विद्यार्थी विभिन्न विषयों को नए दृष्टिकोण से समझ सकें।

कार्यक्रम का मंच संचालन भौतिक विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. कुमुद चौधरी ने किया। उन्होंने व्याख्यान के विषय की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया तथा वक्ता का परिचय कराते हुए उन्हें व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार ने इस प्रकार के अकादमिक कार्यक्रमों को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि ज्ञान का वास्तविक विस्तार तब होता है जब हम किसी विषय को जिज्ञासा, तर्क और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समझने का प्रयास करते हैं। उन्होंने आयोजन के लिए डॉ. निधि शर्मा, डॉ. हरीश रावत एवं डॉ. कुमुद चौधरी को शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी शिक्षकगण एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। व्याख्यान एवं प्रश्नोत्तर सत्र ने कार्यक्रम को संवादात्मक एवं ज्ञानवर्धक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं अन्य सहयोगी उपस्थित रहे।

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