April 30, 2026

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उत्तराखंड: केबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून: राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों का असर परिवहन, शिक्षा, वन, उद्योग, वित्त और कार्मिक जैसे प्रमुख विभागों पर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि ये निर्णय राज्य के समग्र विकास, रोजगार सृजन और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

कैबिनेट ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी है। जीएसटी दरों में कमी का लाभ उठाते हुए अब पहले प्रस्तावित 100 बसों के स्थान पर 109 बसें खरीदी जाएंगी। इसके अलावा प्रवर्तन अधिकारियों के लिए वर्दी भी निर्धारित कर दी गई है, जिससे विभागीय पहचान और अनुशासन को मजबूती मिलेगी।

आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए वित्तीय स्वीकृतियों का अधिकार विकेंद्रीकृत किया गया है। अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त और इससे अधिक लागत के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे। इससे कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

उद्योग विभाग में दर को 7 रुपये प्रति कुंटल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। वहीं वित्त एवं कराधान विभाग में आबकारी नीति के तहत 6 प्रतिशत की व्यवस्था को अब राज्यकर विभाग द्वारा लागू किया जाएगा। इसके साथ ही डी श्रेणी के ठेकेदारों को राहत देते हुए उनकी कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ कर दी गई है, जिससे छोटे ठेकेदारों को अधिक अवसर मिलेंगें।

वन विभाग में भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी की 18 से 25 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा वन सीमा मौन पालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है। इस योजना से जहां स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी, वहीं मानव-वन्यजीव, खासकर हाथी संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी।

अल्पसंख्यक और शिक्षा क्षेत्र में सुधार

कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 को अधिसूचित कर दिया है। अब कक्षा 1 से 8 तक संचालित 452 मदरसों को जिला स्तर से मान्यता लेनी होगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 52 मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता प्राप्त करनी होगी।

कार्मिक और शिक्षा विभाग के फैसले

सरकारी नौकरियों में प्रतीक्षा सूची की वैधता एक वर्ष निर्धारित कर दी गई है। यानी एक साल के भीतर नियुक्ति मिलने पर ही प्रतीक्षा सूची मान्य होगी। शिक्षा विभाग में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करने वाली नियमावली को मंजूरी दी गई है। साथ ही शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली और सहायक अध्यापक के 62 पदों के लिए सेवा नियमावली को भी हरी झंडी मिल गई है।

लोक निर्माण और उच्च शिक्षा को भी राहत

लोक निर्माण विभाग में 2023 की जेई भर्ती से जुड़े मामले में दिव्यांग वर्ग के 60 पद अन्य वर्ग से भरे जाने के बाद 6 नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब इसे 21 अशासकीय कॉलेजों तक विस्तारित किया गया है, जहां स्थायी प्राचार्य तैनात हैं।

समग्र विकास की दिशा में कदम

कैबिनेट के ये फैसले राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन निर्णयों का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचेगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।

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