देवेंद्र सक्सेना,कोटा राजस्थान, 15 – 5-2026 : विगत दिनों संस्कार भारती की अखिल भारतीय प्रबंधन कारिणी की बैठक 11 अप्रैल को आगरा में आयोजित की गई ।
उक्त बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया कि वर्तमान में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) निधि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हो रहा है इन सभी क्षेत्रों के साथ ही कला क्षेत्र के विभिन्न उपक्रम भी CSR निधि प्राप्त करने के लिए पात्र हैं ।
कंपनी अधिनियम की धारा 135 के शेड्यूल VII (v ) के अनुसार राष्ट्रीय विरासत, कला और संस्कृति का संरक्षण जिसमें ऐतिहासिक महत्व के स्थलों और कला के कार्यों की पुनर्स्थापना शामिल है, सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना, पारंपरिक कला और हस्तशिल्प का प्रचार और विकास के लिए CSR निधि का प्रावधान है।
इन नियमों के अनुसार देशभर में अनेक प्रकार के शास्त्रीय व लोक कला महोत्सव , संगीत कार्यशालाएं, प्रकल्प निरंतर आयोजित होते रहते हैं ।
एक ओर जहां विभिन्न कला गतिविधियों के माध्यम से CSR के नियमों के अनुसार कला संस्कृति संरक्षण का कार्य निरंतर जारी है। वहीं दूसरी ओर CSR से संबंधित अन्य क्षेत्रों में भी कला के माध्यम से जन जागरण के अनेक प्रयोग हो रहे हैं ।
ऐसे में सभी उपक्रमों के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में समाज तक प्रभावशाली संदेश पहुंचाने का कार्य संपन्न हो रहा है ।
लेकिन यह देखा गया है कि CSR निधि का उपयोग कला गतिविधियों के आयोजनों में बहुत कम हो रहा है।
संस्कार भारती कोटा महानगर के महामंत्री देवेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि संस्कार भारती की अखिल भारतीय प्रबंधकारिणी का मानना है कि कला क्षेत्र में CSR के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कॉर्पोरेट संस्थान, संस्कार भारती व कला संस्थाओं और शासन के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है ।
इस भावना से प्रबंधकारिणी ने प्रस्ताव पास किया है, जिसे संस्कार भारती कोटा इकाई द्वारा माननीय जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया महोदय कोटा को यह प्रस्ताव सौंप कर निवेदन किया गया की हमारे क्षेत्र में जो भी कॉरपोरेट सेक्टर हैं उनके माध्यम से कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए उनके CSR निधि को उपलब्ध करवाने का आग्रह है प्रस्ताव संस्कार भारती चित्तौड़ प्रांत कोटा महानगर के महामंत्री देवेंद्र कुमार सक्सेना, उपाध्यक्ष भीष्म कुमार चौहान, प्राचीन कला प्रमुख ललित मल्होत्रा, मंचीय कला प्रमुख डॉ 0 संगीता सक्सेना, मातृशक्ति प्रमुख प्रेरणा शर्मा, साहित्य सह प्रमुख विजय शर्मा ने सौपा।
जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने प्रस्ताव भारत सरकार आदि माध्यमों को प्रेषित करने का आश्वासन दिया
इस अवसर पर संस्कार भारती कोटा के सह साहित्य प्रमुख विजय शर्मा ने अपनी पुस्तक फांस जिला कलेक्टर महोदय को सौंपी।


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