जोशीमठ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम डुंगरा, मेराग, पेरसारी एवं सलूड़ में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने आकर्षक पोस्टर एवं चित्रकला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टरों में प्रकृति बचाने, प्लास्टिक प्रदूषण कम करने और हरित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया।
बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने विचार साझा किए और पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली।
महिलाओं एवं युवाओं के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में कार्बन फुटप्रिंट, कार्बन क्रेडिट तथा जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि दैनिक जीवन की गतिविधियों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कैसे कम किया जा सकता है तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाकर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने में कैसे योगदान दिया जा सकता है।
बैठक में जल स्रोतों के संरक्षण, वनों की सुरक्षा, जैव विविधता के महत्व तथा स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया गया। महिलाओं ने अपने पारंपरिक ज्ञान एवं अनुभवों को साझा करते हुए प्रकृति संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान लोकगीतों एवं पर्यावरण आधारित गीतों के माध्यम से भी प्रकृति संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रतिभागियों ने गीतों के माध्यम से प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को समझते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।


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