नानकमत्ता, 11 अगस्त 2026: महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, नानकमत्ता में चित्रकला एवं गृह विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई शिक्षा नीति–2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों में रचनात्मकता, कौशल एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेहंदी एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा के माध्यम से नई शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों एवं इसके लाभों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके रचनात्मक, कलात्मक एवं व्यावहारिक कौशल का विकास करना था। विद्यार्थियों ने मेहंदी एवं पोस्टर के माध्यम से नई शिक्षा नीति के प्रमुख प्रावधानों, कौशल विकास, रचनात्मक शिक्षा तथा शिक्षा के व्यापक उद्देश्यों को प्रभावशाली रूप में प्रदर्शित किया। उनकी कलाकृतियों में शिक्षा के साथ कला एवं कौशल को जोड़ने की सार्थक पहल स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इसी क्रम में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत तिरंगे से प्रेरित पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय भावना, भारतीय संस्कृति एवं देश की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। विद्यार्थियों ने तिरंगे के केसरिया, श्वेत एवं हरे रंगों से प्रेरणा लेते हुए आकर्षक चित्रों का निर्माण किया। इन चित्रों में भारतीय संस्कृति, शिक्षा, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिली।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। मेहंदी प्रतियोगिता में 18, पेंटिंग प्रतियोगिता में 4 तथा पोस्टर प्रतियोगिता में 3 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के परिणामों में मेहंदी प्रतियोगिता में मनीषा जोशी ने प्रथम स्थान, पोस्टर प्रतियोगिता में रिशु ने प्रथम स्थान तथा पेंटिंग प्रतियोगिता में कपिल सिंह राना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. मंजुलता जोशी ने निभाई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में ज्ञान के साथ कौशल, रचनात्मकता और व्यावहारिक अनुभव को भी समान महत्व देती है। उन्होंने कहा कि कला आधारित गतिविधियाँ विद्यार्थियों में कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कलाकृतियों की सराहना करते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक एवं गृह विज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. निवेदिता अवस्थी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं व्यावहारिक क्षमताओं का विकास करना भी है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय कला एवं संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।
इस अवसर पर चित्रकला विभाग प्रभारी डॉ. ममता सुयाल ने कहा कि कला विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। मेहंदी, पोस्टर और पेंटिंग जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में धैर्य, एकाग्रता, सौंदर्यबोध, सृजनशीलता एवं आत्मविश्वास विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य, वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शैक्षणिक कार्यों के साथ सांस्कृतिक, कलात्मक एवं कौशल आधारित गतिविधियों में निरंतर प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि उनके व्यक्तित्व का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ममता सुयाल द्वारा किया गया।


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