शिक्षा विभाग उत्तराखंड एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद के सहयोग से आज दिनांक 22 मार्च 2024 को राजकीय महाविद्यालय पाबौ, पौड़ी गढ़वाल परिसर में स्थापित देवभूमि उद्यमिता विकास केंद्र में 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के ग्यारवाँ दिवस पर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रोफेसर सत्य प्रकाश शर्मा ने अपने सम्बोधन में मसरूम की खेती करने के पर अपनी एक डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के बाद उसे उद्यमिता केंद्र मे लाने के लिए भी सभी छात्र – छात्राओं को कहा ।
आप सभी को केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की सभी योजनाओं एवं सब्सिडी का फायदा उठाना चाहिये एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम का लाभ उठाना चाहिए ।
किसी भी कार्य को करने से पहले उसके बारे में टेक्निकल प्रशिक्षण को लेना आवश्यक होता है । तभी आप अपने उद्यमी में सफल हो सकते है । अंत में छात्र – छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का भरपूर फायदा उठायें एवं भविष्य मे इसे धरातल पर उतारने की कोशिश करनी है । इसके लिए आज के कार्यक्रम के लिए आप सभी को शुभकामनाए भी देता हूँ ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मुख्य अतिथि / वैज्ञानिक / भरसार यूनिवर्सिटी , प्लांट Protection विभाग में कार्यरत डॉ० दीपिका चौहान ने मशरूम की खेती पर अपना संबोधन दिया जिसमे उन्होंने कहा कि किस तरह मसरूम की खेती , मिडिसिनल प्लांट की खेती की जाती है आदि के बारे में विस्तार से बताया ।
मसरूम की खेती के लिए चावल का भूसा , मंडवें का भूसा , गेहूं का भूषा इन सभी का उपयोग आप मसरूम की खेती के लिए कर सकते हो । मसरूम की खेती के लिए क्या बातें ध्यान मे रखनी होती है । इसके बारे में छात्र – छात्राओं को विस्तार से अपना सम्बोधन दिया । किसी भी खेती को करने के लिए उसकी टेक्निकल प्रशिक्षण को प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण होता है ।
इसके लिए आपको कृषि विज्ञान केंद्र मे मसरूम की खेती की प्रशिक्षण प्राप्त कर इस पर अपना उद्यम स्टार्ट कर सकते है । मसरूम महिलाओं के लिए भी जॉइन्ट पैन के लिए भी बहुत लाभदायक होता है ।
डॉ० दीपिका ने कहा कि जापान के लोगों का लाइफ स्पान बहुत ज्यादा होता क्योंकि उन लोगों के भोजन मे हमेशा मसरूम शामिल रहता है ।
मसरूम से आप आटा , चिप्स , अचार आदि बना सकते है। आजकल मनुष्य मोटे अनाज की तरफ जा रहा है। जो लोग काम करना चाहते है वे उद्यमिता केंद्र मे आकर जानकारी प्राप्त कर सकते है एवं इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए । अंत मे सभी छात्राओं को उद्यमिता एवं idea पैदा करने की ओर अपने कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उद्यमिता विकास कार्यक्रम में EDII से आए मास्टर ट्रैनर साधु कल्पना ने अपने सखी मण्डल , स्वयं सहायता समूह , कल्पना फाउंडेशन एवं अपनी सफल उद्यम यात्रा के बारे में विस्तार से छात्र – छात्राओं को बताया।
केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के प्रोजेक्ट को हम लेते है उन्हे किस तरह से पूरा करते है इसके बारे में सभी को अवगत कराया । आम की गुठली को उबालकर उसका पाउडर बनाया जाता है। जो लोगों यात्रा के समय जो परेशानी होती है , उसमे इसे काम मे लाया जाता है । आप जो भी उद्यम करे उसे ईमानदारी , मेहनत , सच्चाई से पूरा करे ।
योगा को भी अपने उद्यम मे जोड़ सकते है अपने सम्बोधन के अंत मे सफल उद्यम के बारे मे विस्तार छात्र- छात्राओं को समझाया। जिसमे कल्पना जी ने अपने एन०जी०ओ० के बारे में छात्रों को अवगत कराया । साथ ही कहा कि आप भी अपने जीवन मे इसी तरह मेहनत करके सफल उद्यमी बन सकते है । अंत में उद्यमिता की ओर अपने कदम बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया।
उद्यमिता विकास कार्यक्रम महाविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी एवं मेंटर डॉ० गणेश चंद ने मंच का सफल संचालन किया ।
कार्यक्रम के समापन में डॉ० मुकेश शाह ने मुख्य अतिथि एवं सभी मुख्य वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए सभी का धन्यवाद प्रेषित किया ।
छात्र-छात्राओं के साथ-साथ स्थानीय उद्यमियों, गणमान्य व्यक्तियों, समाज सेवको, जनप्रतिनिधियों, प्राध्यापको, ऑफिस स्टाप आदि ने बढ़-चढ़कर कर प्रतिभाग किया और उद्यमिता से संबंधित अपने आइडिया भी शेयर किये।
उद्यमिता विकास कार्यक्रम में EDII से आए मास्टर ट्रैनर साधु कल्पना एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ० रजनी बाला , डॉ० तनुजा रावत , डॉ० सुनीता चौहान , डॉ० सौरभ सिंह , डॉ० सरिता , डॉ० जयप्रकाश पँवार एवं कार्यालय अध्यक्ष श्री महेश सिंह , विजेंद्र बिष्ट , श्रीमती सोनी देवी एवं अनुराधा आदि ने विशेष सहयोग दिया।


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