• छात्र-छात्राओं को पंजीकरण प्रक्रिया, मशरूम उत्पादन और जैविक खेती की दी गई विस्तृत जानकारी

नैनबाग, टिहरी गढ़वाल, 01-02 अप्रैल 2025 : राजकीय महाविद्यालय नैनबाग में चल रहे देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत दूसरे एवं तीसरे दिन के कार्यक्रम उत्साह और ज्ञानवर्धन के साथ संपन्न हुए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजू कोगियाल ने की।

दूसरे दिन की मुख्य गतिविधियाँ (01 अप्रैल 2025)

कार्यक्रम के दूसरे दिन, छात्रों को आगामी 10 दिनों की कार्यशाला की विस्तृत जानकारी दी गई। नोडल अधिकारी डॉ. मधु बाला जुवांठा ने विद्यार्थियों को देवभूमि उद्यमिता योजना में पंजीकरण प्रक्रिया और इसके लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को स्वरोजगार अपनाने और कृषि आधारित व्यवसायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस दिन कृषि दर्पण – सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल इनोवेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (CAIRT)देहरादून , उत्तराखण्ड के केंद्र प्रमुख श्री चंदन कुमार ने मशरूम उत्पादन और जैविक खेती पर गहन चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को जैविक खेती की तकनीक, उसके आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

तीसरे दिन की मुख्य गतिविधियाँ (02 अप्रैल 2025)

तीसरे दिन, कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज नैनबाग के प्रधानाचार्य डॉ. चंद्रशेखर नौटियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ इंटर कॉलेज के अध्यापक मनोज नेगी, अजीत नेगी और योगेन्द्र कुमार भटगईं भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान, इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कृषि आधारित उद्यमिता, जैविक खेती और मशरूम उत्पादन को व्यावसायिक रूप से अपनाने की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। छात्रों ने भी विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा व्यक्त की।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कृषि और अन्य स्वरोजगार के क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले दिनों में इस योजना के तहत अधिक विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएँ और व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।

महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद किया गया और छात्रों को आगे के सत्रों के लिए प्रोत्साहित किया गया

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