कोटद्वार: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार के बी.एड. विभाग द्वारा आज आशुभाषण प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में सत्र 2025-27 प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में मंच संचालन क्षमता, आत्मविश्वास, त्वरित चिंतन शक्ति तथा प्रभावशाली वक्तृत्व कला का विकास करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम आदरणीय अध्यापकगणों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया, तत्पश्चात माँ सरस्वती की वंदना गाकर ज्ञान एवं विद्या की आराधना की गई। कार्यक्रम में आज विभागाध्यक्ष महोदय के स्थान पर डॉ. बी. सी. शाह उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मंच संचालन का दायित्व प्रशिक्षु रोहित एवं स्वाति द्वारा अत्यंत सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से निभाया गया। दोनों संचालकों ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित, रोचक एवं अनुशासित बनाए रखा।
आशुभाषण प्रतियोगिता के नियम अत्यंत रोचक रहे। प्रत्येक प्रतिभागी को दो पर्चियाँ चुनने का अवसर दिया गया, जिनमें दिए गए विषयों में से वह अपनी स्वेच्छा अनुसार किसी एक विषय पर भाषण प्रस्तुत कर सकता था। प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विचार व्यक्त करने हेतु 5 मिनट का समय प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने दिए गए विषयों पर अपनी बुद्धिमत्ता, तर्कशक्ति एवं आत्मविश्वास के साथ अत्यंत प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान सभी अध्यापकगणों ने विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बातें बताईं। उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास के साथ मंच पर बोलने, अपने विचार स्पष्ट रूप से रखने तथा निरंतर अभ्यास करते रहने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने यह भी बताया कि ऐसी प्रतियोगिताएँ व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व क्षमता बढ़ाने में सहायक होती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगणों में डॉ. बी. सी. शाह, डॉ. सुषमा भट्ट, डॉ. एस. के. आर्या, डॉ. सुषमा नौटियाल, डॉ. डी. बी. सिंह सर एवं डॉ. डी. के. मौर्य उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के मुख्य संयोजक के रूप में डॉ. डी. के. मौर्य ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता में डॉ. सुषमा भट्ट एवं डॉ. सुनीता नौटियाल मैम ने निर्णायक की भूमिका निभाते हुए प्रतिभागियों के भाषणों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रस्तुतीकरण, भाषा शैली, आत्मविश्वास तथा विषय ज्ञान के आधार पर अंक प्रदान किए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. बी. सी. शाह सर ने प्रतियोगिता के नियमों एवं आशुभाषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया। प्रतियोगिता के परिणाम घोषित करते हुए प्रथम स्थान पर छात्रा दीक्षा बलोदी, द्वितीय स्थान पर अंजलि आर्या तथा तृतीय स्थान पर सचिन एवं अक्षय रहे। विजेताओं को सभी उपस्थित जनों द्वारा शुभकामनाएँ एवं बधाई दी गई।
अंत में समस्त बी.एड. विभाग की ओर से सभीशिक्षकगणों, निर्णायकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उत्साहवर्धक सिद्ध हुई।


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