हरिद्वार: 25 जुलाई को शहीद जगदीश वत्स जी के जन्मदिवस के अवसर पर एक संक्षिप्त लेख।
ग्राम खजूरी अकबरपुर जनपद सहारनपुर निवासी माता श्रीमती जमुना देवी तथा पिता श्री कदम सिंह शर्मा ने अपने पुत्र जगदीश प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण प्राइमरी पाठशाला फिर जूनियर हाई स्कूल पास कराने के बाद ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद कॉलेज हरिद्वार में अपने पुत्र के भविष्य के न जाने कितने अरमानों को संजोकर प्रवेश कराया होगा।
माता-पिता के साथ ही भाई-बहन सभी के यह स्वप्न रहे होंगे कि इस घर का बेटा राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में पढ़कर अच्छी नौकरी पाकर हमारे गांव का नाम रोशन करेगा।
किंतु उसी समय 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी जी ने नारा दिया “करो या मरो” इसके अंतर्गत चलने वाले आंदोलन का रूप था- अंग्रेजो भारत छोड़ो।
इस आवाहन से क्रान्तिकारियों की टकसाल गुरुकुल और ऋषिकुल दोनों में अध्ययनरत छात्रों के अन्दर देशभक्ति का तूफान पैदा हो गया। इन शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने रात्रि में ही बैठक की और बैठक में निर्णय लिया गया की छात्रों द्वारा विभिन्न मार्गों से जुलूस निकाला जाएगा और सुभाष घाट, पोस्ट आफिस तथा रेलवे स्टेशन में तिरंगा झंडा फहराया जाएगा।
इस जुलूस में शामिल हरिद्वार के ही विख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री नंद लाल धींगरा जी बताते थे कि उस समय एक अनुमान के अनुसार लगभग दस हजार क्रान्तिकारी इस जुलूस में शामिल थे। भीड़ ने सुभाष घाट पर झंडा फहराया, पुलिस ने गोली चला दी, जिसमें जगदीश वत्स के पैर में गोली लगी, वह अपनी ही धोती फाड़कर पैर में बांधकर बाजार से भागते हुए पोस्ट ऑफिस पहुंचे, जहां उन्होंने दूसरा झंडा फहराया, वहां भी पुलिस द्वारा गोली मारी गई जो हाथ में लगी।
पोस्ट ऑफिस से पीछे कूद कर रेलवे स्टेशन होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे जहां जगदीश वत्स ने तीसरा झंडा फहराया जहां मौजूद एस आई प्रेम शंकर ने गोलियां चला दी। एक गोली जगदीश वर्ष के सीने में लगी वह मूर्छित होकर गिर पड़े, और गंभीर रूप से घायल हो गए थे, अतः पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके देहरादून ले गई। कहते हैं उचित चिकित्सा के अभाव में वे वीरगति को प्राप्त हुए। उस समय जगदीश प्रसाद वत्स की आयु मात्र 17 वर्ष की थी।
अपने माता-पिता भाई बहनों के अरमानों पर जगदीश वत्स कितना खरे उतरे, यह तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन आजादी की रणभूमि में अपना बलिदान देकर अमर अवश्य हो गए और अपने गांव खजूरी अकबरपुर का नाम रोशन अवश्य कर गए।
शहीद जगदीश वत्स की स्मृति में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री नंदलाल ढींगरा जी द्वारा भल्ला पार्क में उनकी प्रतिमा निर्मित करवाकर लगवाई, जहां प्रतिवर्ष शहीद जगदीश वत्स की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है।
इसी के साथ जटवाड़ा पुल स्थित जगदीश वत्स पार्क में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा लगवा कर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा लोकार्पण कराया गया, जो वर्तमान में देश के विभिन्न भागों से आने वाले स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के लिए एक प्रेरक स्थल बना हुआ है।



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