राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में संस्कृत, हिंदी व अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में संस्कृत दिवस समारोह के उपलक्ष्य में एक ऑनलाइन / ऑफलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. वेदव्रत रहे।
उनके द्वारा संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता , आधुनिक समय में संस्कृत भाषा की उपयोगिता तथा छात्रों को वेद के “मनुर्भव” इस वाक्य के माध्यम से मानवता का संदेश दिया गया| मुख्य वक्ता के द्वारा कालिदास, भास आदि के विभिन्न वाक्यों के माध्यम से छात्रों को संस्कृत के गौरव से अवगत कराया गया।
छात्रों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, संस्कृत के क्षेत्र में रोजगार के अवसर व सरकार द्वारा संस्कृत के क्षेत्र में चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के विषय में जानकारी देते हुए भाषण प्रस्तुत किये गए तथा इस उपलक्ष्य में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी के द्वारा संस्कृत भाषा को AI तथा कोडिंग के लिए सर्वोत्तम भाषा के रूप में बताया गया।
प्राचार्य ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत व हिंदी के छात्रों को कंप्यूटर व अंग्रेजी आदि विभिन्न विषयों का ज्ञान भी रखना होगा जिससे वह देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी छवि स्थापित कर सकते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम की सञ्चालिका संस्कृत विभाग की प्राध्यापिका मञ्जू पाण्डे रही तथा हिंदी विभाग के प्राध्यापक श्री यशवंत सिंह पवार ने छात्रों को विभिन्न भाषाओं की महत्ता विषय पर मार्गदर्शित किया, भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ.किशोर सिंह चौहान के द्वारा भारतीय संस्कृति, भगवद्गीता तथा संस्कृत के महत्त्व पर अपना वक्तव्य देकर छात्रों को प्रोत्साहित किया गया तथा तकनीकी विशेषज्ञ व अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक श्री आलोक बिजल्वाण के द्वारा सभी वक्ताओं का धन्यवाद व्यक्त किया गया।
अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया| इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक श्रीमती नेहा बिष्ट व डॉ निशि दुबे तथा अन्य सभी प्राध्यापक, कर्मचारी एवं कला संकाय के छात्र उपस्थित रहे|


More Stories
सरकार के पांच वर्ष पूरे होने पर सांस्कृतिक संध्या, देशभक्ति और लोकगीतों से गूंजा ऋषिकुल ऑडिटोरियम
उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के बीच बढ़ा वैचारिक सेतु: मुख्यमंत्री धामी से मिले छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधि
हरिद्वार: जनपद में 4 जुलाई से 30 जुलाई तक होगा, सेवा सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के तहत सेवा पखवाड़ा कार्यक्रमों का आयोजन