राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर देहरादून में आईपीआर सेल के अंतर्गत 5th व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के संरक्षक प्राचार्य प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल द्वारा की गई।
कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर विनोद कुमार शाह द्वारा किया गया, मुख्य वक्ता का परिचय डॉक्टर सुमन सिंह गुसाईं द्वारा किया गया ।इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल ने आईपीआर के व्याख्यान में स्वरोजगार के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि आज रोजगार के कई अवसर हैं, सरकार रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई स्कीम चला रही है ।
मुख्य वक्ता डॉ महावीर सिंह सजवान ने उत्तराखंड में स्वरोजगार के अवसरों के बारे में बताया और कहा कि रोजगार सीमित हैं, इसलिए सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है इसलिए सरकार ने बहुत सारी स्कीम जैसे होमस्टे, राफ्टिंग, बंजी जंपिंग आदि को बढ़ावा दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का 70% स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है इसलिए सरकार एक मुहिम मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना चला रही है ,जिसमें स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए 25 लाख की राशि रोजगार स्थापित करवाने के लिए दी जाती है।इसलिए बहुत सारे युवाओं को रोजगार स्थापित करने में मदद मिली है । किसी भी उत्पाद को बाजार में जी .आई .से पहचान मिलती है ।उत्तराखंड के अब तक 29 उत्पाद को जी.आई. मिल चुका है जिसमें स्थानीय बेडू ,बद्री घी, मुनस्यारी राजमा शामिल है।
इन्होंने कहा कि स्वरोजगार शुरू करने वाले को उद्योग रोजगार एप में निशुल्क पंजीकरण कराना आवश्यक है, जिससे उन्हें बैंक लोन मिल सकेगा ।उन्होंने महाविद्यालय में निशुल्क स्वरोजगार प्रशिक्षण करवाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर आईपीआर सेल के सदस्य डॉ0अनीता चौहान, डॉ0डिंपल भट्ट , डॉ0 श्रुति चौकियाल, डॉ0 लीना रावत, डॉ 0उमा पपनोई अन्य प्राध्यापक गण ,कर्मचारी वर्ग एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में नोडल अधिकारी आई.पी.आर .सेल डॉ0 कविता काला ने कहा कि आज स्वरोजगार से अलग अलग क्षेत्रों में लोग सफल हुए हैं सरकार स्वरोजगार के बहुत अवसर दे रही है।


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