हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी, हरिद्वार (उत्तराखण्ड) की अंतरराष्ट्रीय बहुविषयक शोध पत्रिका DIJMR (Dhanauri International Journal of Multidisciplinary Research) का वॉल्यूम-2, इश्यू-1 (जुलाई 2026) सफलतापूर्वक प्रकाशित हो गया है।
यह अंक DOI युक्त शोध पत्रिका के रूप में प्रकाशित किया गया है, जिससे इसमें प्रकाशित शोध-पत्रों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान, उद्धरण (Citation) एवं अकादमिक विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हुई है। इस अंक में शिक्षा, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, मानविकी, वाणिज्य तथा अन्य विविध विषयों से संबंधित शोधकर्ताओं के मौलिक एवं उच्च गुणवत्ता वाले शोध-पत्र प्रकाशित किए गए हैं। यह अंक शोध, नवाचार एवं ज्ञान-सृजन को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में महाविद्यालय की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पत्रिका की Editor-in-Chief डॉ. अलका सैनी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में इस अंक का संपादन एवं प्रकाशन संपन्न हुआ। Deputy Editor-in-Chief डॉ. सुशील कुमार ने संपूर्ण संपादकीय प्रक्रिया का प्रभावी संचालन किया।
वहीं Editors डॉ. प्रियंका नेगी, डॉ. अर्पित एवं डॉ. शांति ने शोध-पत्रों के चयन, विशेषज्ञों द्वारा Peer Review तथा संपादन कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देकर पत्रिका की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ बनाया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “DIJMR का प्रत्येक अंक महाविद्यालय की शोधपरक परंपरा, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता का सशक्त परिचायक है। यह शोध पत्रिका शोधार्थियों, शिक्षकों एवं विद्वानों को अपने मौलिक शोध कार्यों के प्रकाशन हेतु एक उत्कृष्ट, विश्वसनीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान कर रही है। हमें विश्वास है कि DIJMR आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं वैश्विक शोध जगत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हुए उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”
महाविद्यालय के सचिव श्री आदेश कुमार ने कहा, “आज के ज्ञान-आधारित युग में गुणवत्तापूर्ण शोध किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक पहचान होता है। DIJMR का नियमित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ प्रकाशन महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता, गुणवत्ता एवं शोध संस्कृति का सशक्त प्रमाण है। यह पत्रिका युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करने के साथ-साथ विभिन्न विषयों के विद्वानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान तथा नवीन शोध दृष्टिकोण के विकास का प्रभावी माध्यम बनेगी।”
संपादकीय मंडल ने बताया कि पत्रिका में प्रकाशित सभी शोध-पत्र निर्धारित Peer Review प्रक्रिया से गुजरने के उपरांत ही प्रकाशित किए गए हैं, जिससे शोध की गुणवत्ता, मौलिकता, प्रामाणिकता एवं अकादमिक मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया गया है। पत्रिका का यह नवीन अंक शोधार्थियों, शिक्षकों एवं विद्वानों के लिए उपयोगी शोध सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ बहुविषयक अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करेगा।
अंत में संपादकीय मंडल ने सभी लेखकों, समीक्षकों, शोधकर्ताओं एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि DIJMR भविष्य में भी उत्कृष्ट शोध कार्यों के प्रकाशन के माध्यम से ज्ञान-सृजन, नवाचार एवं अनुसंधान की संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध समुदाय में अपनी प्रतिष्ठा को निरंतर सुदृढ़ करता रहेगा।


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